Friday, July 12, 2024
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जन स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहे राख परिवहनकर्ता, रास्ते भर गिरती राख से दुर्घटना का भी खतरा


कोरबा (खटपट न्यूज)। विभिन्न विद्युत संयंत्रों से उत्सर्जित होने वाली राख का उचित निपटारा करने के लिए राख (फ्लाई ऐश)को खदान क्षेत्रों में डंप कराने के साथ ही फ्लाई ऐश ब्रिक्स निर्माण हेतु खपाने का कार्य किया जा रहा है। राख परिवहन के कार्य में लगे ट्रांसपोर्टरों की उदासीनता और वाहन चालक-परिचालक की लापरवाही के कारण आम लोगों का जीवन और स्वास्थ्य खतरे में है।

कोरबा जिला मुख्यालय के आसपास स्थित संयंत्रों से निकलने वाले फ्लाई ऐश को गंतव्य स्थल तक पहुंचाने के कार्य में लगे वाहनों के जगह-जगह से टूटे-फूटे अथवा खुले होने के कारण रास्ते भर राख गिरती जाती है। गिरते वक्त यह राख उड़कर जहां पीछे और अगल-बगल चल रहे दूसरे चालकों, राहगीरों के आंख व चेहरे पर पड़ती है वहीं सांस के साथ भी इसके अंश शरीर के भीतर समा रहे हैं। कोरबा से चोटिया के लिए राख परिवहन कार्य का ठेका प्राप्त विवेक कंस्ट्रक्शन कंपनी की लापरवाही की वजह से नेशनल हाइवे 130 कटघोरा-अंबिकापुर मार्ग में राख ही राख नजर आती है। यह पूरा रास्ता धूल-मिट्टी नहीं बल्कि राखमय रहता है। विवेक कंस्ट्रशन कंपनी द्वारा इस कार्य में नियोजित वाहनों में से अधिकांश की हालत ठीक नहीं होने की वजह से 24 घंटे इस तरह की समस्या नेशनल हाइवे पर बनी हुई है। इसी तरह सीएसईबी के संयंत्र से निकलने वाली राख कटघोरा के आगे फ्लाई ऐश ब्रिक्स प्लांट के लिए भेजी जाती है। उक्त राख परिवहन में लगे हाइवा वाहन गीली राख लेकर निकलते हैं, जो रास्ते भर सड़क पर गिरकर राखमय कर रहे हैं। दर्री बरॉज मार्ग से कटघोरा के मध्य सड़क पर उड़ती राख से आवागमन करने वाले हलाकान हो रहे हैं।
0 प्रशासनिक निर्देश की उड़ा रहे धज्जियां

राज्य और जिला स्तर पर समय-समय में ली जाने वाली बैठकों एवं टास्क फोर्स की बैठकों में कोयला, राख सहित अन्य खनिज का परिवहन सावधानीपूर्वक एवं वाहन को ढंककर करने के निर्देश दिए जाते रहे हैं। इसका पालन कराना संबंधित विभाग के अधिकारियों की जिम्मेदारी बनती है वहीं परिवहन कार्य का ठेका प्राप्त कंपनी का भी दायित्व है कि वह अपने वाहनों का संधारण व मरम्मत समय-समय पर कराता रहे, ताकि परिवहन के दौरान आमजन को किसी तरह की समस्या से दो-चार ना होना पड़े। बावजूद इसके शहर से लेकर गांव की सड़कों पर कोल डस्ट, राखड़ बिखरकर न सिर्फ जनस्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा रहे हैं बल्कि इनके उड़ने से वाहन चलाने में असुविधा होने पर दुर्घटना का भी खतरा बना रहता है।

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