
कोरबा (खटपट न्यूज़ )। कलेक्टर सभाघर में विगत दिनों हुई मीटिंग में सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत ने मीटिंग में मुद्दा उठाया था कि गेवरा दीपका क्षेत्र वहां के रहवासी धूल एवं प्रदूषण से ग्रसित हैं। एसईसीएल को इसके निराकरण के लिए अत्याधुनिक वाटर टैंकर का उपयोग करते हुए पानी छिड़काव एवं अन्य उपाय किए जाने चाहिए जिसके तारतम्य में एसईसीएल के गेवरा क्षेत्र में सुरक्षित , पर्यावरण -अनुकूल एवं आधुनिक खनन संचालन को और अधिक सुदृढ़ बनाने के दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत 70किलोलीटर क्षमता वाले वाटर टैंकर का शुभारंभ किया गया। अत्याधुनिक वाटर टैंकर के संचालन से खदान क्षेत्र में धूल नियंत्रण , हाल रोड पर नियमित जल छिड़काव तथा बेहतर कार्य वातावरण सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।
मेक इन इंडिया पहल के अनुरूप देश में निर्मित इस 70 के एल क्षमता वाले वाटर टैंकर की उच्च क्षमता बड़े खनन क्षेत्रों में प्रभावी जल छिड़काव सुनिश्चित करेगी, जिससे धूल उत्सर्जन में कमी आएगी तथा सुरक्षित एवं पर्यावरण अनुकूल खनन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। यह मशीन गेवरा क्षेत्र की पर्यावरणीय प्रबंधन व्यस्था को और सुदृढ़ बनाएगी। इस अवसर पर एसईसीएल अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक हरीश दुहन ने कहा आधुनिक तकनीक के प्रभावी उपयोग के साथ साथ मानव संसाधन के कौशल विकास पर समान रूप से बल देना एसईसीएल की प्राथमिकता है । ऐसी पहले सुरक्षित , पर्यावरण अनुकूल समावेशी एवं सतत खनन के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करती है। गेवरा क्षेत्र आधुनिक तकनीक , सुरक्षा , पर्यावरण संरक्षण तथा कौशल विकास को समान प्राथमिकता देते हुए खनन कार्यों में निरंतर उत्कृष्टता की दिशा में अग्रसर है । इस अवसर पर दीपक रस्तोगी , महाप्रबंधक एवं विभागाध्यक्ष एक्सकेवेशन , सुजीत झा, पी. ई. एक्सकेवेशन एस . सी . क्षेत्रीय सुरक्षा अधिकारी सहित गेवरा क्षेत्र के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।















