Wednesday, July 15, 2026
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नगर निगम में विकास की नई उड़ान, 165 करोड़ की सीवरेज योजना, 40 ई-बसें और अधोसंरचना कार्यों से संवर रहा शहर

कोरबा। शहर के पंचवटी में आज महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए बताया कि भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव एवं कैबिनेट मंत्री व कोरबा विधायक श्री लखनलाल देवांगन के मार्गदर्शन तथा नगर निगम कमिश्नर श्री आशुतोष पांडे के नेतृत्व में नगर पालिक निगम कोरबा में चहुंमुखी विकास कार्यों की झड़ी लगी हुई है। नई सरकार के 16 माह के सफल कार्यकाल के दौरान शहर की मूलभूत सुविधाओं जैसे—सड़क, नाली, पानी और बिजली के क्षेत्रों में व्यापक प्रगति हुई है। इस विकास यात्रा की मुख्य उपलब्धियों एवं आगामी योजनाओं का विवरण निम्नानुसार है:

विकास कार्यों का रिपोर्ट कार्ड
इस अवधि में कुल 76 विकास कार्य सफलताग्रुप पूर्ण कर लिए गए हैं।
प्रगतिरत कार्य: वर्तमान में 149 कार्य धरातल पर तेजी से चल रहे हैं।
आगामी कार्य: कुल 209 विकास कार्य बेहद शीघ्र प्रारंभ होने जा रहे हैं।

सड़क डामरीकरण: कोसाबाड़ी से घंटाघर और घंटाघर से CSEB चौक होते हुए सुनालिया पावर हाउस रोड तक ₹22 करोड़ की लागत से डामरीकरण का टेंडर हो चुका है, जिसका कार्य बरसात के ठीक बाद शुरू होगा।

स्वच्छता में देश में 8वां स्थान और कचरा प्रबंधन
कीर्तिमान: कोरबा ने देश की स्वच्छता रैंकिंग में 8वां स्थान हासिल कर एक बड़ा गौरव अर्जित किया है।

कचरा डंपिंग पॉइंट का खात्मा: शहर के पुराने कचरा डंपिंग पॉइंट्स को समाप्त कर वहां सुंदर ‘स्मॉल गार्डन्स’ विकसित किए गए हैं।

संसाधनों का अपग्रेडेशन: डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण के लिए बेड़े में 80 इलेक्ट्रॉनिक रिक्शा और 2 अत्याधुनिक मोबाइल टॉयलेट शामिल किए गए हैं। साथ ही 55,000 मकानों में डस्टबिन वितरण प्रस्तावित है।

बायो-गैस प्रोजेक्ट: गीले कचरे से बायो-गैस बनाने के लिए छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल और गेल इंडिया (GAIL India) के बीच MoU संपन्न हो चुका है।

SLRM सेंटर्स: शहर के सभी 16 SLRM सेंटर्स का लगभग ₹8 करोड़ की लागत से उन्नयन कार्य जारी है।

जल संरक्षण एवं पर्यावरण सुधार (₹165 करोड़ का एसटीपी)

हसदेव नदी का संरक्षण: शहर के 11 बड़े नालों के गंदे पानी को हसदेव नदी में मिलने से रोकने के लिए ₹165 करोड़ की लागत से सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) का निर्माण प्रगति पर है। इसे अगस्त 2027 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है।

स्थाई आय का स्रोत: एसटीपी से उपचारित जल को एनटीपीसी (NTPC) को ₹7.50 प्रति किलोलीटर की दर से बेचा जाएगा, जिससे निगम को स्थाई आय होगी।

नया जल उपचार संयंत्र: जिला खनिज न्यास (DMFT) मद से ₹32 करोड़ की लागत से 20 MLD क्षमता के नए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण किया जा रहा है, जिससे करीब 58,000 की आबादी को पर्याप्त पेयजल मिलेगा।

वॉटर हार्वेस्टिंग: भू-जल स्तर को सुधारने के लिए 10 प्रमुख स्थानों पर रिचार्ज बल वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाए जा रहे हैं।

परिवहन और आधुनिक सुविधाएं (40 ई-बसें)
पीएम ई-बस सेवा: केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत कोरबा शहर को 40 ई-बसों की मंजूरी मिली है, जिससे नागरिकों को जल्द ही सस्ता और सुगम परिवहन मिलेगा।

फास्ट ई-चार्जिंग स्टेशंस: NCAP मद से घंटाघर (स्मृति उद्यान के पास) और सुनालिया चौक के आगे मल्टीलेवल पार्किंग में अत्याधुनिक ई-चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए गए हैं, जहां वाहन मात्र 30 मिनट में फुल चार्ज हो सकेंगे।

ट्रैफिक सिग्नल वेटिंग शेड: प्रमुख चौराहों पर वाहन चालकों की सुविधा के लिए वेटिंग शेड बनाए जा रहे हैं, जिसकी शुरुआत CSEB चौक से हो चुकी है।

खेल और संस्कृति को बढ़ावा
राइफल शूटिंग एकेडमी: कोरबा में पहली बार कोरबा राइफल शूटिंग एकेडमी की स्थापना कर 10 मीटर इनडोर तथा 25 व 50 मीटर आउटडोर शूटिंग रेंज उपलब्ध कराई गई है।

खेल अधोसंरचना: इंदिरा स्टेडियम (टीपी नगर) में ₹16 करोड़ और पीजी कॉलेज में ₹14 करोड़ सहित कुल ₹32 करोड़ व अन्य मदों के खेल विकास कार्य प्रस्तावित हैं।

भव्य रामलीला: शहर में ऐतिहासिक भव्य रामलीला का आयोजन किया गया, जिसमें जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय शामिल हुए थे। इस वर्ष भी इसका भव्य आयोजन किया जाएगा।

आवास और शहरी व्यवस्थापन
पीएम आवास योजना (शहरी 2.0): कोरबा को फेज-2 के तहत 3022 आवासों का लक्ष्य मिला था, जिसके मुकाबले निगम ने रिकॉर्ड 4027 आवासों की स्वीकृति कराई है, जो प्रदेश में सर्वाधिक है।

लघु व्यापारियों का व्यवस्थापन: घंटाघर चौक के छोटे और फुटपाथ के व्यापारियों को बुधवारी बाजार के सामने ‘आनंद बाजार’ में पक्की दुकानें देकर स्थाई रूप से व्यवस्थित किया गया है। कोसाबाड़ी में वेंडिंग जोन का निर्माण पूर्ण हो चुका है तथा अन्य जोनों में प्रस्तावित है।

त्वरित जनशिकायत निवारण: पेयजल, स्वच्छता और स्ट्रीट लाइट से जुड़ी समस्याओं के निवारण हेतु निगम द्वारा विशेष व्यवस्था की गई है, जिसके तहत शिकायतों का 24 घंटे के भीतर अनिवार्य रूप से निराकरण किया जा रहा है। इसके लिए “महापौर की पाती” जैसी अभिनव योजनाएं भी संचालित हैं।

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