Tuesday, July 16, 2024
Google search engine

Google search engine
Homeछत्तीसगढ़प्रधानमंत्री ने मन की बात कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के ‘हमर हाथी-हमर गोठ’...

प्रधानमंत्री ने मन की बात कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के ‘हमर हाथी-हमर गोठ’ रेडियो कार्यक्रम को सराहा

कहा- छत्तीसगढ़ की इस अनूठी पहल और इसके अनुभवों का लाभ देश के दूसरे वन क्षेत्रों में रहने वाले लोग भी उठा सकते हैं

विगत 7 वर्षों से आकाशवाणी के ‘हमर हाथी-हमर गोठ’ कार्यक्रम में दी जा रही हाथियों के विचरण की सूचनाएं

रायपुर (खटपट न्यूज)।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज मन की बात कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य में हाथियों के विचरण की सूचनाओं पर आधारित आकाशवाणी कार्यक्रम ‘हमर हाथी-हमर गोठ’ की सराहना की। मन की बात कार्यक्रम में श्रोताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि रेडियो की ताकत कितना बदलाव ला सकती है, इसकी एक अनूठी मिसाल छत्तीसगढ़ में देखने को मिल रही है। बीते करीब 7 वर्षों से यहाँ रेडियो पर एक लोकप्रिय कार्यक्रम का प्रसारण हो रहा है, जिसका नाम है ‘हमर हाथी-हमर गोठ’। नाम सुनकर आपको लग सकता है कि रेडियो और हाथी का भला क्या कनेक्शन हो सकता है। लेकिन यही तो रेडियो की खूबी है। छत्तीसगढ़ में आकाशवाणी के चार केन्द्रों अंबिकापुर, रायपुर, बिलासपुर और रायगढ़ से हर शाम इस कार्यक्रम का प्रसारण होता है और आपको जानकर हैरानी होगी कि छत्तीसगढ़ के जंगल और उसके आसपास के इलाके में रहने वाले बड़े ध्यान से इस कार्यक्रम को सुनते हैं।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि ‘हमर हाथी – हमर गोठ’ कार्यक्रम में बताया जाता है कि हाथियों का झुण्ड जंगल के किस इलाके से गुजर रहा है। ये जानकारी यहाँ के लोगों के बहुत काम आती है। लोगों को जैसे ही रेडियो से हाथियों के झुण्ड के आने की जानकारी मिलती है, वो सावधान हो जाते हैं। जिन रास्तों से हाथी गुजरते हैं, उधर जाने का ख़तरा टल जाता है। इससे जहाँ एक ओर हाथियों के झुण्ड से नुकसान की संभावना कम हो रही है, वहीँ हाथियों के बारे में डेटा जुटाने में मदद मिलती है। इस डेटा के उपयोग से भविष्य में हाथियों के संरक्षण में भी मदद मिलेगी। यहाँ हाथियों से जुड़ी जानकारी सोशल मीडिया के जरिए भी लोगों तक पहुंचाई जा रही है। इससे जंगल के आसपास रहने वाले लोगों को हाथियों के साथ तालमेल बिठाना आसान हो गया है। छत्तीसगढ़ की इस अनूठी पहल और इसके अनुभवों का लाभ देश के दूसरे वन क्षेत्रों में रहने वाले लोग भी उठा सकते हैं।

‘हमर हाथी-हमर गोठ’ कार्यक्रम के प्रस्तुतकर्ता श्री अमलेन्दु मिश्र ने बताया कि कार्यक्रम छत्तीसगढ़ राज्य के चार आकाशवाणी केंद्रों अंबिकापुर, रायपुर, बिलासपुर और रायगढ़ केंद्रो से शाम 5:00 बजे प्रसारित किया जाता है। यह कार्यक्रम एंड्राइड मोबाइल के न्यूज on AIR और एफएम चैनल में भी उपलब्ध है जिसे गाड़ियों में भी आसानी से सुना जा सकता है।

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments