
कोरबा (खटपट न्यूज)। जनजाति समाज के गौरवशाली परंपरा को पुर्नस्थापित करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ राज्य के समस्त जनजाति समाज प्रमुखों की एक वर्चुअल बैठक राष्ट्रीय अजजा आयोग के पूर्व अध्यक्ष नंदकुमार साय, राज्यसभा सांसद रामविचार नेताम, छग राज्य अजजा आयोग के पूर्व अध्यक्ष देवलाल दुग्गा एवं पूर्व मंत्री केदार कश्यप की उपस्थिति में संपन्न हुई।
वर्चुअल बैठक को संबोधित करते हुये नंदकुमार साय ने कहा कि जनजाति समाज का अतीत बहुत ही गौरवशाली रहा है और इसलिए हमें अपना भविष्य भी गौरवशाली बनाना है। मध्यभारत के इस क्षेत्र में हमारे पूर्वजों ने लंबे समय तक शासन किया है। हमारे पूर्वजों के शासनकाल में सभी समाज के लोग आपसी सामंजस्य और सौहार्द्र के साथ रहते हुये सनातन धर्म का पालन करते आये हैं। हमें अपने उस गौरवशाली इतिहास की जानकारी अपने युवा पीढ़ी को देना है तथा जनजाति समाज मे शिक्षा का प्रचार-प्रसार करते हुये अपने संवैधानिक अधिकारों को प्राप्त करना है। बैठक में सर्वसम्मति से छत्तीसगढ़ गौरव समाज के प्रदेश पदाधिकारियों, संभागीय अध्यक्षों तथा महिला/युवा/ कर्मचारी संगठन प्रमुखों की घोषणा की गई है।
जिसमें संरक्षक नंदकुमार साय ,रामविचार नेताम , देवलाल दुग्गा ,केदार कश्यप, रिषेश्वर महाराज,राजाराम तोडम, अध्यक्ष एम. डी. ठाकुर,उपाध्यक्ष मोहन सिंह टेकाम,बंशीधर उरांव,चैत राम अटामि, विदेशी राम ध्रुव,यज्ञराम सिदार, महासचिव विकास मरकाम, सचिव डॉ गंभीर सिंह,रामलखन पैंकरा, रामजी ठाकुर,रघुराज सिंह उइके, गोपाल नाग,कोषाध्यक्ष आर. एन. साय, प्रवक्ता डॉ देवेंद्र माहला, इंदर भगत,परमानंद तेता,सोशल मीडिया प्रभारी रामप्रसाद मौर्य ,संभागीय अध्यक्ष सरगुजा परमेश्वर सिंह, बिलासपुर देवेन्द्र प्रताप सिंह, रायपुर बुद्धेश्वर ध्रुव, बस्तर भोजराज नाग,दुर्ग टेकराम भंडारी,जनजाति गौरव महिला समाज अध्यक्ष श्रीमती गीतांजलि परमानंद तेता ,महासचिव पिंकी शिवराज शाह ,जनजाति गौरव युवा समाज अध्यक्ष भूपेंद्र नाग, महासचिव रवि भगत, जनजाति गौरव कर्मचारी समाज अध्यक्ष उत्तर सिंह सिदार, महासचिव लखेश्वर कुदराम नियुक्त किए गए है।















