Tuesday, October 6, 2026
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12 घंटे तक ईलाज का इंतजार, आयोग अध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद शुरू हुआ उपचार

चाकाबुड़ा स्वास्थ्य केंद्र अंतर्गत महिला ने दिया बच्चे को जन्म, जिला अस्पताल में इलाज के लिए 12 घंटे करना पड़ा इंतजार; भाजपा नेता राजेश यादव ने डॉ. वर्णिका शर्मा का जताया आभार

कोरबा। चाकाबुड़ा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अंतर्गत एक महिला की डिलीवरी के बाद उसकी गंभीर स्थिति को लेकर जिला चिकित्सालय कोरबा की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए हैं। बताया गया कि महिला को उपचार के लिए जिला चिकित्सालय कोरबा में रात करीब 2 बजे पहुंचाया गया था, लेकिन परिजनों के अनुसार लंबे समय तक उसका उपचार शुरू नहीं हो सका।

परिजनों के मुताबिक दोपहर करीब 2 बजे तक उपचार शुरू नहीं होने की स्थिति में भाजपा प्रदेश सह संयोजक राजेश यादव ने मामले की जानकारी छत्तीसगढ़ बाल आयोग की अध्यक्ष एवं दर्जा प्राप्त कैबिनेट मंत्री डॉ. वर्णिका शर्मा को दी। आयोग अध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद महिला का उपचार शुरू किया गया। समय पर उपचार मिलने से जच्चा-बच्चा दोनों को बचाया जा सका।

इस मामले को लेकर भाजपा प्रदेश सह संयोजक, भाजपा झुग्गी-झोपड़ी प्रकोष्ठ छत्तीसगढ़ एवं बिलासपुर संभाग प्रभारी राजेश यादव ने डॉ. वर्णिका शर्मा के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि संकट की घड़ी में आयोग अध्यक्ष ने संवेदनशीलता दिखाते हुए तत्काल हस्तक्षेप किया, जिसके परिणामस्वरूप जच्चा-बच्चा को आवश्यक उपचार मिल सका।

राजेश यादव ने कहा कि यदि महिला को रात 2 बजे जिला चिकित्सालय लाया गया था और दोपहर 2 बजे तक उपचार शुरू नहीं हुआ, तो यह बेहद गंभीर और चिंताजनक विषय है। आखिर ऐसी क्या परिस्थिति थी कि प्रसव के बाद एक महिला को लगभग 12 घंटे तक उपचार के लिए इंतजार करना पड़ा? इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में गरीब और जरूरतमंद मरीजों को समय पर उपचार मिलना उनका अधिकार है। किसी मरीज को इलाज के लिए घंटों इंतजार करना पड़े, यह स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर खामी को दर्शाता है। शासन-प्रशासन को मामले को गंभीरता से लेते हुए पूरे घटनाक्रम की जांच कर जवाबदेही तय करनी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी जच्चा-बच्चा को ऐसी स्थिति से न गुजरना पड़े।

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