
कोरबा (खटपट न्यूज़ )। छत्तीसगढ़ के पूर्व राजस्व मंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयसिंह अग्रवाल ने अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान, आभूषणों एवं वित्तीय प्रबंधन को लेकर पूर्ण पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की है। रविवार को कोरबा स्थित कांग्रेस कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा कि कांग्रेस का उद्देश्य भगवान श्रीराम या करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था पर सवाल उठाना नहीं, बल्कि मंदिर में प्राप्त चढ़ावे के सुरक्षित, पारदर्शी और जवाबदेह प्रबंधन की मांग करना है।
जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि भगवान श्रीराम देशवासियों की आस्था के केंद्र हैं और मंदिर में चढ़ाया गया प्रत्येक रुपया तथा आभूषण श्रद्धालुओं की अमानत है। इसलिए उसके रख-रखाव, लेखा-जोखा और सुरक्षा व्यवस्था में पूरी पारदर्शिता होना आवश्यक है।
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के समय भाजपा भगवान श्रीराम के नाम पर वोट मांगती है और राम मंदिर को अपनी उपलब्धि बताती है, लेकिन जब मंदिर के चढ़ावे और वित्तीय प्रबंधन को लेकर सवाल उठते हैं तो सरकार मौन हो जाती है। उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रकार की अनियमितता नहीं हुई है तो सरकार को सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में जांच, स्वतंत्र एसआईटी अथवा सीबीआई जांच कराने और उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक करने में कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
पूर्व मंत्री ने कहा कि यदि अरबों रुपये के चढ़ावे में किसी प्रकार की गड़बड़ी हुई है तो इसकी जिम्मेदारी केवल निचले स्तर के कर्मचारियों पर नहीं डाली जा सकती। उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के वित्तीय ऑडिट, स्टॉक सत्यापन, डिजिटल रिकॉर्ड, सीसीटीवी निगरानी तथा सुरक्षा व्यवस्था की भी निष्पक्ष जांच कर जवाबदेही तय करने की मांग की।
कांग्रेस की ओर से उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं समयबद्ध जांच, रिपोर्ट को सार्वजनिक करने, दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध समान कानूनी कार्रवाई तथा श्रीराम मंदिर सहित देश के सभी प्रमुख मंदिरों में डिजिटल इन्वेंट्री, ऑनलाइन लेखांकन, वार्षिक स्वतंत्र ऑडिट, सार्वजनिक वित्तीय रिपोर्ट और नियमित स्टॉक सत्यापन जैसी पारदर्शी व्यवस्था लागू करने की मांग की।
जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि लोकतंत्र में सवाल पूछना विपक्ष का दायित्व और जवाब देना सरकार की जिम्मेदारी है। यदि भाजपा रामराज्य की बात करती है तो रामराज्य का मूल आधार सत्य, न्याय और जवाबदेही है। इसलिए करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस विषय पर निष्पक्ष जांच कर सच्चाई देश के सामने लाई जानी चाहिए।
















