कोरबा, 24 सितंबर 2026। बचपन से ही पढ़ाई में मेधावी ग्राम दोंदरो की छात्रा यागिनी कंवर ने डॉक्टर बनकर लोगों की सेवा करने का सपना देखा था। आर्थिक परिस्थितियां उनके इस सपने के रास्ते में चुनौती बनकर खड़ी हुईं, लेकिन सेवा संकल्प अभियान के तहत जिला प्रशासन ने उनकी प्रतिभा को संबल देते हुए एमबीबीएस की पढ़ाई का खर्च उठाने की पहल की है।सिटी गाइड खोजें
यागिनी ने दसवीं कक्षा के बाद से ही अपना लक्ष्य तय कर NEET की तैयारी शुरू की। कड़ी मेहनत और लगन के बल पर उन्होंने NEET-2026 में सफलता हासिल कर चंदूलाल चंद्राकर स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय, दुर्ग में एमबीबीएस पाठ्यक्रम में प्रवेश प्राप्त किया।
यागिनी के परिवार की सीमित आर्थिक स्थिति को देखते हुए कलेक्टर एवं जिला खनिज संस्थान न्यास (DMFT) कोरबा कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन में संचालित ‘स्वामी विवेकानंद जिला खनिज न्यास शिक्षा प्रोत्साहन योजना’ के तहत उनकी एमबीबीएस शिक्षा के संपूर्ण शिक्षण शुल्क की जिम्मेदारी उठाने का प्रस्ताव स्वीकृत किया गया है।
कलेक्टर ने सौंपा 53,500 रुपये का डिमांड ड्राफ्ट
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने आज यागिनी कंवर को उनके एमबीबीएस पाठ्यक्रम के प्रथम सेमेस्टर के शिक्षण शुल्क के लिए 53,500 रुपये का डिमांड ड्राफ्ट प्रदान किया।इस दौरान जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन और जिला शिक्षा अधिकारी तामेश्वर प्रसाद उपाध्याय मौजूद रहे। समय पर मिले इस सहयोग से यागिनी की पढ़ाई में आर्थिक बाधा दूर हुई है और उनके डॉक्टर बनने के सपने को नई दिशा मिली है।
यागिनी ने सहायता मिलने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि डॉक्टर बनकर लोगों की सेवा करना उनका सपना है। प्रशासन से मिले सहयोग ने उनके सपनों को नई राह दी है और अब वह पूरी मेहनत के साथ अपनी पढ़ाई जारी रखेंगी।
आर्थिक परिस्थिति नहीं बनेगी प्रतिभा की राह में बाधा
जिला प्रशासन के अनुसार, DMFT के माध्यम से संचालित शिक्षा प्रोत्साहन योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर एवं प्रतिभावान विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराना है, ताकि आर्थिक परिस्थितियां उनकी प्रतिभा और सपनों के बीच बाधा न बनें।डिजिटल कैलेंडर चुनें
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने यागिनी को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए मन लगाकर पढ़ाई करने तथा चिकित्सकीय ज्ञान का उपयोग समाज की सेवा में करने के लिए प्रेरित किया।
यागिनी के लिए यह सहयोग केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत और डॉक्टर बनने के सपने को आगे बढ़ाने का मजबूत संबल है। सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से जिला प्रशासन की यह पहल जिले की प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर देने और आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के सपनों को उड़ान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के रूप में सामने आई है।
















