Monday, March 23, 2026
Home कोरबा मनरेगा के तालाब को खेत बना दिया,लाखों रुपये बर्बाद हुए

मनरेगा के तालाब को खेत बना दिया,लाखों रुपये बर्बाद हुए

0 कोरबा जिले में तालाबों के भौतिक सत्यापन की जरूरत

कोरबा(खटपट न्यूज़)। केंद्र सरकार की मनरेगा योजना से निर्मित तालाबों की कोरबा जिले में दुर्दशा कुछ ज्यादा ही होने लगी है। यहां कोरबा जनपद पंचायत के ग्राम बरीडीह में मनरेगा से निर्मित तालाब को राख से पटवा कर लगभग 13 लाख रुपए की बर्बादी का मामला अभी तक फाईलों में कैद है कि पाली जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम कुटेलामुड़ा में एक और मामला सामने आया है। यहां मनरेगा से निर्मित तालाब को पाट कर उस पर खेती की जा रही है। इस तरह के मामले सामने आने के बाद अब जरूरत है कि मनरेगा के लाखों रुपए से निर्मित सरकारी तालाबों का भौतिक सत्यापन केंद्र स्तर की टीम के माध्यम से कराया जाए। स्थानीय स्तर की टीम पर भरोसा नहीं किया जा सकता क्योंकि मामलों में लीपापोती और अधिकारियों की कारस्तानी को छुपाने का काम बखूबी हो रहा है। तालाब के नाम पर बंदरबांट और किसी भी बड़े गड्ढे को तालाब का नाम देकर इसकी खुदाई के नाम पर मनरेगा के पैसे बर्बाद किए जाने की प्रबल संभावना इन मामलों के उजागर होने के बाद बनी हुई है।
ताजा मामले में कोरबा जिले के जनपद पंचायत पाली के अंतर्गत ग्राम कुटेलामुड़ा में मनरेगा योजना के अंतर्गत (उपका) नया तालाब निर्माण की शिकायत हुई है। गांव के ही कमल साय पाटले द्वारा पंचायत कुटेलामुड़ा को 50 रुपए के स्टाम्प पेपर में दान दिए गए भूमि खसरा नंबर 696/1, रकबा 1 एकड़ पर तालाब निर्माण मनरेगा से हुआ। भूमि दान की लिखा-पढ़ी 4 दिसंबर 2021 को हुई व नोटरी से सत्यापित कराया गया। दान में मिली जमीन पर पंचायत द्वारा मनरेगा योजना में 9 लाख 93 हजार 654 रूपये की लागत से नया तालाब का निर्माण कराया गया। शिकायत है कि तालाब निर्माण के एक माह पश्चात ही कमल साय पाटले द्वारा तालाब को जेसीबी मशीन लगाकर दो खण्डों में विभाजित कर पाट कर खेत बना दिया एवं धान बुआई कर रहा है। ग्रामीणों रामविलास, संजय कुमार, जमुना प्रसाद, मैना, मिट्ठू राम यादव, ईश्वर प्रसाद आदि ने बताया कि मनरेगा को ताक पर रखकर मिलीभगत से यह कार्य कराया गया है इसलिए उचित कार्यवाही करते हुए नवनिर्मित तालाब को पुन: स्थापित कराया जाय ताकि आम जनता को शासन की योजना का लाभ मिल सके। ग्रामीणों ने इससे पहले 20 अप्रैल 2022 को पाली जनपद सीईओ से शिकायत किया था और इसकी जांच भी हुई किन्तु उस समय कमल साय पाटले ने फिर से तालाब बनाने का आश्वासन दिया लेकिन इसके बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया, अब इस पर कोई संज्ञान नहीं लिया जा रहा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि इस पर प्रशासन संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई करे।

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