Thursday, April 2, 2026
Home कोरबा कोरबा:मनरेगा APO संदीप की सेवा समाप्त,हड़ताल अवधि में ही कर लिया था...

कोरबा:मनरेगा APO संदीप की सेवा समाप्त,हड़ताल अवधि में ही कर लिया था ज्वाईनिंग

कोरबा(खटपट न्यूज़)। मनरेगा कर्मियों के द्वारा विगत दो माह से अपने दो सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल की जा रही है। नियमितीकरण करने और इसकी प्रक्रिया पूरी होने तक रोजगार सहायकों को पंचायत कर्मियों की तरह वेतन देने की मांग की जा रही है। प्रदेश सहित कोरबा जिले के मनरेगा कर्मी इस हड़ताल/आंदोलन में शामिल हो रहे हैं। विगत महीने मनरेगा के सहायक परियोजना अधिकारी एपीओ के द्वारा साथियों को हड़ताल में छोड़कर अपना कामकाज निपटाने की बात सामने आई थी जिस पर मनरेगा कर्मियों ने गहरी आपत्ति दर्ज की और बात राजधानी तक भी पहुंची। किसी तरह से एपीओ संदीप डिक्सेना ने उस समय मान-मनौव्वल कर लिया लेकिन अभी एक बार फिर संगठन से दगा करने की बात सामने आ रही है। हालांकि संदीप डिक्सेना की सेवा अब उनकी जरूरत नहीं होने के कारण समाप्त कर दी गई है। इस संबंध में 2 जून को मनरेगा आयुक्त मो. कैशर अब्दुल हक के द्वारा आदेश जारी कर कहा गया है कि लोक सेवा आयोग द्वारा सीधी भर्ती से चयनित सुश्री अमिता सिंह की पदस्थापना कोरबा जिले में किए जाने के फलस्वरूप सहायक परियोजना अधिकारी संविदा की आवश्यकता नहीं होने के कारण संदीप डिक्सेना की सेवाएं छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (संविदा नियुक्ति) नियम 2012 की कंडिका 11 (5) के अनुसार 1 माह का वेतन देकर समाप्त की जाती है। मनरेगा आयुक्त के द्वारा कुल 21 एपीओ को नौकरी से निकाल दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक हड़ताल पर चल रहे इन सभी मनरेगा कर्मियों को हिदायत दी गई थी कि वे अपने काम पर लौटे साथ ही एपीओ को भी ज्वाइनिंग करने के लिए कहा गया था। हड़ताल पर चल रहे एपीओ ने ज्वाईनिंग नहीं दी लेकिन विश्वसनीय सूत्र बताते हैं कि सेवा समाप्ति से बचने के लिए संदीप डिक्सेना ने एक बार फिर संगठन को दरकिनार कर 30 मई को अपने पद पर ज्वाईनिंग कर लिया था। इधर दूसरी ओर यह कोशिश काम नहीं आई और संविदा नियुक्ति से हाथ धोना पड़ा। इधर दूसरी ओर 21 एपीओ को नौकरी से निकाले जाने के विरुद्ध मनरेगा कर्मियों ने सामूहिक इस्तीफा देकर राजधानी में अपना प्रदर्शन जारी रखा है। एपीओ संदीप डिक्सेना ने कहा है कि आंदोलन के दौरान किसी को भी नौकरी से नहीं निकाला जा सकता।

Advertisement Carousel