Saturday, September 26, 2026
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महंगी कार में कबाड़ की खरीदी,1.68 लाख नगद भी मिले,घूम-घूम कर धंधा पकड़ाया

0 छुरी के कबाड़ी का बेटा बालको में 100 किलो तांबा के साथ पकड़ाया
कोरबा (खटपट न्यूज़)। कटघोरा थाना अंतर्गत छुरी में कबाड़ का कारोबार करने वाले विजय साहू का बेटा बालको पुलिस के हत्थे चढ़ गया। संयोग था वाहनों की रूटीन चेकिंग का, लेकिन इस चेकिंग के चक्कर में कबाड़ी पुत्र उलझ गया और उसके द्वारा महंगे कार में सवार होकर घूम-घूम कर की जा रही महंगे कबाड़ की खरीदी का खुलासा हुआ। कटघोरा पुलिस की कथित कृपा प्राप्त छुरी के कबाड़ी विजय साहू का पुत्र व एक अन्य के कब्जे से 100 किलो तांबा व 1 लाख 68 हजार रुपए नकदी बरामद हुआ है।

बालको थाना प्रभारी निरीक्षक विजय चेलक ने बताया कि पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के मार्गदर्शन में लगातार जांच एवं कार्यवाही जारी है। इस कड़ी में ढेेंगुरनाला के पास वाहनों की जांच-पड़ताल के दौरान टाटा नेक्सन कार क्र.- सीजी 12 एव्ही 1216 को चेक करने पर दो व्यक्ति बैठे मिले। वाहन के पीछे डिक्की में 6 बोरियां मिलीं जिसको चेक करने पर तांबा के जले हुए तार, केबल के एंगल, तांबा का पाईप, तांबे की पट्टियां, कुल वजन करीब 100 किलो मिला। इनकी कीमत लगभग 70000 रूपये है। कार को चेक करने पर 1 लाख 68 हजार रूपये नगदी रकम भी मिला। कार सवार पुष्पेन्द्र साहू पिता विजय साहू 25 वर्ष वार्ड 15 पठारीभाठा छुरी व बन्धु लाल चैहान पिता जगेश्वर चैहान 24 वर्ष ग्राम भाठापारा छुरी ने क्षेत्र में घूम-घूम कर चोरों से स्क्रैप, तांबा का सामान खरीदना बताया। आरोपियों से टाटा नेक्सन कार, लगभग 100 किलो तांबा का स्क्रैप, 1 लाख 68 हजार नगद जप्त कर आरोपियों के विरूद्ध धारा 41(1-4)/379 भादवि के तहत् अपराध दर्ज कर न्यायालय में पेश किया गया। आरोपीगणों को न्यायिक रिमांड पर जेल दाखिल करा दिया गया है। कार्यवाही में थाना प्रभारी विजय चेलक, प्रधान आरक्षक कुलदीप तिवारी, आरक्षक कुलदीप कतलम, अनिल साहू का विशेष सहयोग रहा।

वैसे यह मामला तो वाहनों की रूटीन जांच में पकड़ में आ गया लेकिन महंगी गाड़ी में घूम-घूम कर महंगे कबाड़ खरीदने का यह सिलसिला न जाने कब से चला आ रहा था? इससे बड़ी बात यह है कि कटघोरा पुलिस अनुविभाग व थाना क्षेत्र में चल रहे इस कारोबार की भनक स्थानीय मुखबिरों को भी नहीं लगी। कुछ इसी तरह की चालबाजी दर्री के एक विशेष कृपापात्र कबाड़ी के द्वारा की जा रही है। कबाड़ के कारोबार में दर्री क्षेत्र में एकाधिकार कायम करने वाले इस कबाड़ी के द्वारा अपना कारोबार चमकाने के लिए कई तरह की जुगत लगाने के साथ कई गलतफहमियां तक पेश की गई हैं। बड़ी गंभीर बात है कि इसकी भनक तक नहीं है क्योंकि शीर्ष क्षेत्रीय अधिकारी इससे खुद को अनजान बताते हैं जबकि मातहत

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