एनजीटी व शासन के नियम जय सोनी पर कुर्बान, खानापूर्ति कर सौंप दिया रेत घाट

0 प्रतिबंध अवधि में घाट से निकाला दर्जनों ट्रैक्टर रेत
0 दिखावे के लिए खनिज विभाग ने लगाया ताला, 24 घंटे बाद सौंप दी चाबी और अतिरिक्त रायल्टी बुक

कोरबा (खटपट न्यूज)। जिला मुख्यालय से लगे शहर के निकट स्थित सीतामणी रेत घाट के संचालक ठेकेदार जय कुमार सोनी पर बेशक प्रशासन पूरी तरह मेहरबान है। सत्ता के संरक्षण में प्रशासन इसके समक्ष जहां नतमस्तक है वहीं खनिज विभाग ने भी एनजीटी और शासन के नियमों को इसके लिए कुर्बान कर दिया है। पहले तो राजस्व विभाग के द्वारा खान एवं खनिज मैनुअल के नियम 15. प्रतिषेध के बिन्दू क्रमांक 1. में कहा है कि किसी शासकीय भूमि पर अनुमति नहीं दी जाएगी। बिंदु 3. में स्पष्ट निर्देश कि राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य मार्ग तथा नदी तट की सीमा के 100 मीटर के भीतर रेत भंडारण की अनुमति प्रदान नहीं की जाएगी, इस नियम का पूरा उल्लंघन कर जय कुमार सोनी के नाम से वर्ष 2026 तक के लिए हसदेव नदी के रकबा में ही रेत भंडारण की अनुज्ञप्ति के लिए कार्यवाही की गई जिसके आधार पर नदी के रकबा में ही भंडारण लाइसेंस जारी कर दिया गया। नियमत: तो जय कुमार सोनी को भंडारण की अनुमति पूर्णत: गलत नियम विरूद्ध व निरस्ती योग्य है

इसके बाद ठेकेदार के द्वारा मानव श्रम के अलावा जेसीबी व पोकलेन से जमकर रेत निकाली गई जो उसे प्राप्त क्षमता से कहीं ज्यादा थी। खनिज विभाग ने इस पर भी नोटिस की खानापूर्ति कर ली। फिर रायल्टी पर्ची में पेंसिल से लिखकर- मिटाकर 4 से 5 बार उपयोग करने की शिकायत हुई जिसे भी लीपापोती कर दिया गया। इस सब के बीच 3 अगस्त तक नियम का और चोरी का(अवैध खनन से) बालू बेच लिया और महज 2-3 ट्रेक्टर का स्टॉक ही रह गया। इधर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल एनजीटी के द्वारा 15 जून से 15 अक्टूबर तक नदी से रेत खनन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया। इस अवधि में रेत घाट बन्द रखकर भंडारण की रेत बेचा जाना था। चूंकि जय कुमार सोनी को योजनाबद्ध तरीके से राजस्व, खनिज और प्रशासन के अधिकारियों द्वारा खनिज नियमो के विपरीत जाकर नदी घाट में ही भंडारण की अनुमति दी गई है जिसका उसने प्रतिबन्ध अवधि में भी बेजा लाभ उठाया। भंडारण से रेत बेचने के नाम पर यह सीतामणी घाट बन्द नहीं किया गया। उसने भंडारण के साथ-साथ नदी खोदकर रेत बेचा। 3 अगस्त 2021 के बाद लगातार रेत खोदकर अपने खत्म हो चुके स्टॉक को बढ़ाया जो कि अब का भंडारण पूरी तरह अवैध और पूर्णतः खनिज की चोरी कहा जायेगा। इसकी खबर पर 18 अगस्त को सुबह महज दिखावे के लिए खनिज निरीक्षक उत्तम खूंटे ने जंजीर, रस्सी बांधकर ताला लगा दिया, विधिवत घाट को 15 अक्टूबर तक के लिए सील नहीं किया जबकि भंडारण में रेत खत्म हो चुकी थी और बेचने के लिए ज्यादा कुछ नहीं बचा था। 4 अगस्त 2021 से खोदकर जमा की गई रेत पूरी तरह से अवैध ही है जो प्रतिबंध नियमों का उल्लंघन कर की गई है।

15 अगस्त को भरा भंडारण, जेसीबी-पोकलेन भी

18 अगस्त को कथित सीलबंदी के दूसरे ही दिन ठेकेदार को इस ताले की चाबी सौंप दी गई और घाट में ट्रैक्टर घुसा दिए गए। इधर खनिज अधिकारी नाग यही कहते रहे कि खनिज इंस्पेक्टर से विस्तृत जानकारी लेकर बताता हूं और उधर वारा-न्यारा कर अपने कर्तव्य को खूंटी पर टांग दिया। 20 अगस्त को अवकाश के दिन रफा-दफा कर घाट को हवाले कर दिया गया। एक रेत ठेकेदार को बेजा लाभ पहुंचाने के लिए सत्ता से जुड़े लोग, खामोश विपक्ष, पुलिस और प्रशासन व खनिज महक़मा ने एनजीटी व शासन के बनाये नियमों को ताक पर रख दिया है। सीतामणी के अलावा ढेंगुरनाला,अहिरन नदी, चाकाबुड़ा, बांकीमोंगरा, पसान, कटघोरा, करतला आदि क्षेत्रों में भी सांठगांठ से रेत की चोरी करवाई जा रही है पर जितना भर्राशाही पूर्ण छूट सीतामणी को दी जा रही है, वह अधिकारियों के लिए काबिले-तारीफ है। जिसकी चौकीदारी का उन्हें सरकार वेतन दे रही है, उसी को चोरी कर बेचने देने का इन्होंने बीड़ा उठा लिया है/अवैध को भी वैध बताने लगे हैं तो भला अंधेरे में रखे जा रहे शीर्ष अधिकारी, नेता, मंत्री भी क्या कर लेंगे?
शीर्ष अधिकारी भले ही नई पदस्थापना के बाद अवैध काम को बर्दाश्त नही करने का दम भरते हैं लेकिन कुछ दिन पुराना होते ही इस दम का भी दम जय कुमार सोनी जैसे ठेकेदार निकाल देते हैं। एक ठेकेदार को बेजा लाभ पहुंचाने के लिए पूरा तंत्र ही एनजीटी और खनिज नियमों के कटघरे में खड़ा हो गया है।

अवैध खनित रेत धड़ाधड़ लोडिंग

0 बड़ी तेज चली जांच संदेह के दायरे में
खनिज अधिकारी एसएस नाग की मानें तो रेत भंडारण स्थल के लिए आवाजाही के मार्ग पर लगे बेरियर को सील कर दिया गया था। खनिज विभाग की टीम मामले में जांच कर रही थी। जांच में अवैध भंडारण के शिकायत की पुष्टि नहीं हो सकी। हालांकि रेत ठेकेदार द्वारा भंडारण स्थल पर बोर्ड, सीमा स्तंभ समेत अन्य नियमों का उल्लंघन करना पाया गया जिस पर ठेकेदार पर अर्थदंड लगाया गया। वहीं भंडारण स्थल पर लगाया गया सील खोल दिया गया। अब सील वाले दिन 18 अगस्त की शाम और दूसरे दिन तक साहब बताते रहे कि प्रतिवेदन नहीं मिला है और खनिज इंस्पेक्टर से पूछकर बता पाऊंगा। 20 को मोहर्रम का अवकाश हो गया और आज शनिवार को भी अवकाश है तो इतनी तेज चली फाइल/कार्यवाही/जुर्माना/ नया रायल्टी बुक जारी करना(विभागीय सूत्र अनुसार) इन्होंने मीडिया से छिपाते हुए कर डाली वह भी जांच के साथ! फिर अधिकारी को घाट पर 3 अगस्त2021 के खाली क्षेत्र, और इसके बाद बढ़ता स्टॉक व 15 अगस्त को सुबह खड़ी जेसीबी- पोकलेन भी प्रमाण नहीं लगी।

00 सत्या पाल 00 (7999281136)

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