
कोरबा। हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के गोकुल नगर स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर में ज्येष्ठ पूर्णिमा के अवसर पर सोमवार को पारंपरिक देव स्नान पूर्णिमा श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाई गई।

इस दौरान भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र, देवी सुभद्रा एवं सुदर्शन जी का 108 कलशों के पवित्र जल से महास्नान कराया गया। महास्नान के उपरांत मान्यता के अनुसार भगवान ‘अनसर’ (अस्वस्थ) हो गए हैं। अब अगले पखवाड़े तक उनका आयुर्वेदिक औषधियों से उपचार किया जाएगा। इस अवधि में भगवान के प्रत्यक्ष दर्शन एवं नियमित पूजा-अर्चना स्थगित रहेगी।
महास्नान में उपयोग किए गए जल में 22 प्रकार की जड़ी-बूटियां एवं औषधियां मिश्रित की गईं, जिन्हें धार्मिक परंपरा के अनुसार भगवान के उपचार का हिस्सा माना जाता है। पुरी की परंपरा के अनुरूप कोरबा के इस मंदिर सहित अन्य जगन्नाथ मंदिरों में भी यह विशेष अनुष्ठान विधि-विधान से संपन्न हुआ।

मंदिर समिति के अनुसार रथयात्रा महोत्सव का प्रथम अनुष्ठान देव स्नान पूर्णिमा से प्रारंभ हो चुका है। भगवान आषाढ़ शुक्ल द्वितीया को अपने भाई बलभद्र एवं बहन सुभद्रा के साथ भक्तों को दर्शन देंगे और 16 जुलाई को गोकुल नगर स्थित जगन्नाथ मंदिर से भव्य रथयात्रा निकाली जाएगी।

रथयात्रा के दौरान महाप्रभु नौ दिनों तक गुंडिचा मंडप में विराजमान रहेंगे। इसके बाद 20 जुलाई को हेरा पंचमी, 23 जुलाई को नवमी संध्या दर्शन, 24 जुलाई को बहुड़ा यात्रा, 25 जुलाई को हरिशयन एकादशी पर स्वर्ण वेश दर्शन, 26 जुलाई को अधरपणा तथा 27 जुलाई को नीलाद्री विजय के साथ भगवान का पुनः मंदिर प्रवेश होगा।
महास्नान महोत्सव के अवसर पर मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। भक्तों ने पूरे श्रद्धा-भाव से धार्मिक परंपराओं का निर्वहन करते हुए भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद प्राप्त किया और रथयात्रा महोत्सव की सफलता की कामना की।
















