Wednesday, March 25, 2026
Home कोरबा SECL की पॉलिसी और निष्क्रियता विरोध के लिए जिम्मेदार

SECL की पॉलिसी और निष्क्रियता विरोध के लिए जिम्मेदार

ग्राम सभा और पुनर्वास समिति नियमों में संशोधन का प्रस्ताव भेजेंगे

कोरबा(खटपट न्यूज़)। गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में जिला प्रशासन, एसईसीएल के चारों क्षेत्र के अधिकारियों एवं ऊर्जाधानी भू-विस्थापित किसान कल्याण समिति के पदाधिकारियों के साथ विभिन्न विषयों पर समीक्षा बैठक हुई। रोजगार, बसाहट और मुआवजा से सबंधित विषयों पर हुई बैठक में कटघोरा विधायक पुरुषोत्तम कंवर भी उपस्थित थे। 

बैठक में एसईसीएल के कोरबा, कुसमुंडा, गेवरा, दीपका क्षेत्र के भू-विस्थापितों की समस्याओं को लेकर पृथक-पृथक चर्चा की गई। कलेक्टर श्रीमती रानू साहू ने एसईसीएल के खिलाफ लगातार हो रहे विरोध के लिए एसईसीएल की पॉलिसी और अधिकारियों की निष्क्रियता को जिम्मेदार बताते हुए स्पष्ट कहा कि एसईसीएल को उत्खनन के लिए जमीन की जरूरत है। जमीन उपलब्ध कराने के लिए किसान और प्रशासन को जल्दबाजी नहीं है इसलिए जो भी निर्णय लेना है, एसईसीएल प्रबन्धन को लेना होगा। भू-विस्थापितों की मांगों को पूरा करने से ही लोगों के आक्रोश कम किया जा सकता है। कलेक्टर ने एसईसीएल के अधिकारियों पर नाराजगी जताते हुए कहा कि जो भी कार्यवाही की जाती है अथवा अड़चन आती है, उसकी सही समय पर जिला प्रशासन को जानकारी क्यों नहीं देते? बैठक में कलेक्टर ने निर्देश जारी किया है कि पुराने खातों की जांच, छूटे रोजगार सहित वंशवृक्ष की जानकारी, राजस्व सबंधी परेशानियों आदि के निराकरण लिए एसडीएम की देखरेख में नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, पटवारी एवं एसईसीएल के भू-राजस्व अधिकारियों की कमेटी बनाई जाए तथा सबंधित क्षेत्र में राजस्व शिविर भी लगाए जाए। तय किया गया है जल्द ही जिला पुनर्वास समिति की बैठक की जाएगी और सभी क्षेत्र वार पुनर्वास समिति की बैठक सप्ताह में एक बार होगी। बैठक में ऊर्जाधानी भू-विस्थापित किसान कल्याण समिति के पदाधिकारी भी शामिल हुए।

0 सर्वे के बाद रोजगार के 4 प्रकरण भेजे गएकलेक्टर ने नवम्बर महीने में त्रिपक्षीय वार्ता के बाद राजस्व विभाग द्वारा कराए गए सर्वे के आधार पर प्रगति कार्यवाही की जानकारी चाही जिस पर एसईसीएल प्रबन्धन की ओर से बताया गया कि प्राप्त सूची के अनुसार पात्र एवं अपात्र लोगों की सूची बनाई गई है। सूची के अनुसार दीपका के 4 लोगों को रोजगार के लिए प्रकरण मुख्यालय भेज दिया गया है। बाकी बचे लोगों की रैखिक सबन्ध, अर्जन के बाद जन्म लेने वाले, अलग-अलग समय में अर्जन के मामले, डिग्रीधारी भू-विस्थापितों को पात्रता अनुसार कार्य देने आदि समस्याओं के निराकरण के लिए ग्राम सभा और जिला पुनर्वास समिति में प्रस्ताव बनाकर कोल इंडिया पॉलिसी में संशोधन कराने की मांग की जाएगी।

0 यह निर्णय भी लिए गएकुसमुंडा क्षेत्र के मुख्य महाप्रबन्धक ने कहा कि 24 फरवरी तक मुख्यालय में भू-विस्थापितों की मांगों को प्रस्तुत कर देंगे। इसी तरह से दूसरे क्षेत्र को इसका पालन करने के लिए समझाइश दिया गया है। बैठक में प्रस्ताव रखा गया कि जो भी ठेका कंपनी आएगी उसे 50 प्रतिशत भू-विस्थापितों को नौकरी देकर निर्धारित वेतन दिलाया जाएगा। एसईसीएल स्वयं क्षेत्र में हाइवे पर शॉपिंग कॉम्लेक्स बनाकर विस्थापित परिवारों को देगा। सर्वे के दौरान सामने नहीं आ पाए भू-विस्थापितों को मौका देने का निर्णय लिया गया। तय हुआ है कि पुराने अर्जन के मामले में पुन: सर्वे किया जाएगा और एक माह के दौरान ऐसे अभ्यर्थी अपना नामांकन जमा करवा सकेंगे। बसाहट के बदले मिलने वाली राशि के संबंध में देश के कोयला कंपनी अथवा किसी भी उद्योग में मिलने राशि का आंकलन पश्चात अधिकतम राशि की दिलाने के लिए कार्यवाही की जाएगी। बसाहट देने के प्रावधानों में भी संशोधन कर भू-विस्थापितों को लाभ की व्यवस्था के लिए पहल की जाएगी।

 0 भू-विस्थापितों में न्याय की उम्मीद जागी

ऊर्जाधानी भू-विस्थापित किसान कल्याण समिति के अध्यक्ष सपूरन कुलदीप ने कहा है कि समीक्षा बैठक में हुए निर्णय से भूविस्थापितों को न्याय मिलने की उम्मीद है। हम गांव-गांव में जनसम्पर्क कर समस्याओं का संकलन कर प्रशासन और प्रबंधन के समक्ष लाएंगे। समस्याओं के समाधान में सकारात्मक पहल नहीं होने पर आंदोलन ही एकमात्र रास्ता है।

00 सत्या पाल 00 (7999281136)

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