संकेत ‘सूरज’ उदय का, कभी गोद में खिलाया था, अब दिग्गी राजा ने रखा कंधे पर हाथ

रायपुर (खटपट न्यूज)। राजनीति केवल समीकरणों का गणित नहीं, बल्कि रिश्तों और विरासत की निरंतर चलती कहानी भी है। बुधवार को राजधानी रायपुर में ऐसा ही एक दृश्य सामने आया, जिसने छत्तीसगढ़ की भावी राजनीति को लेकर नई चर्चा छेड़ दी।
मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत के निवास पहुंचे। यह मुलाकात औपचारिक कम और आत्मीय अधिक नजर आई।
महंत निवास पर माहौल किसी राजनीतिक रणनीति बैठक से ज्यादा ‘फैमिली रीयूनियन’ जैसा दिखा। अविभाजित मध्यप्रदेश के दौर की स्मृतियां ताजा होती नजर आईं।
इस अवसर पर भूपेश बघेल, दीपक बैज, टी.एस. सिंहदेव और जय सिंह अग्रवाल सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
यह जुटान स्पष्ट संकेत देता है कि चुनावी उतार-चढ़ाव के बावजूद संगठनात्मक रिश्तों की डोर मजबूत है।


गोद से कंधे तक समय का चक्र
इस मुलाकात की सबसे चर्चित तस्वीर रही — सूरज महंत और दिग्विजय सिंह की।
चर्चा चली कि जब दिग्विजय सिंह मुख्यमंत्री थे और डॉ. महंत उनके मंत्रिमंडल में गृह मंत्री, तब नन्हे सूरज को वे गोद में खिलाया करते थे।
आज वही सूरज एक आत्मविश्वासी युवा के रूप में सामने हैं। दिग्विजय सिंह ने उन्हें अपने पास बैठाया और कंधे पर हाथ रखकर देर तक चर्चा की।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह केवल आत्मीय क्षण नहीं, बल्कि एक संभावित पीढ़ी परिवर्तन का प्रतीक भी हो सकता है।
0 क्या सक्रिय राजनीति में एंट्री तय?
सियासी गलियारों में चर्चा है कि महंत परिवार की तीसरी पीढ़ी — सूरज महंत — निकट भविष्य में सक्रिय राजनीति में प्रवेश कर सकती है। कोरबा या सक्ती जैसे पारिवारिक प्रभाव वाले क्षेत्रों से संभावित शुरुआत की अटकलें हैं।
हालांकि आधिकारिक तौर पर इसे ‘सीखने का दौर’ बताया जा रहा है, लेकिन दिग्विजय सिंह के साथ यह सार्वजनिक संवाद राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।
0 निष्कर्ष
छत्तीसगढ़ की राजनीति में नई पीढ़ी के उभार की चर्चा तेज है। ऐसे में यह तस्वीर केवल एक मुलाकात नहीं, बल्कि आने वाले समय का संकेत भी हो सकती है।
अब नजर इस बात पर है कि ‘सूरज’ का राजनीतिक उदय कब और किस मंच से होता है।

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