Saturday, July 4, 2026
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डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर कोरबा में भाजपा का विशाल कार्यकर्ता सम्मेलन, राष्ट्रवाद के संकल्प से गूंजा जिला कार्यालय

कोरबा। भारतीय जनता पार्टी जिला कोरबा द्वारा राष्ट्रवादी विचारधारा के प्रखर पुरोधा, भारतीय जनसंघ के संस्थापक अध्यक्ष, महान शिक्षाविद एवं अद्वितीय राष्ट्रभक्त डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के पावन अवसर पर भाजपा जिला कार्यालय टी.पी. नगर में विशाल कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिलेभर से बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं ने सहभागिता कर डॉ. मुखर्जी के राष्ट्रवादी विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। सम्मेलन में प्रदेश मंत्री हर्षिता पांडेय मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी ने की।

डॉ. मुखर्जी के विचार ही राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी प्रेरणा : हर्षिता पांडेय

प्रदेश मंत्री हर्षिता पांडेय ने अपने प्रेरक संबोधन में कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी केवल एक महान शिक्षाविद और प्रखर राष्ट्रवादी ही नहीं, बल्कि अखंड भारत के प्रबल समर्थक थे। उन्होंने राष्ट्र की एकता, अखंडता और स्वाभिमान की रक्षा के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। उनके आदर्श, विचार और त्याग आज भी प्रत्येक कार्यकर्ता के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे डॉ. मुखर्जी के राष्ट्रवादी चिंतन, सेवा, समर्पण और संगठन के मूल्यों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानते हुए जनसेवा के भाव से कार्य करे तथा केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं संगठन की विचारधारा को घर-घर तक पहुंचाकर विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाए।

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के संघर्ष ने रखी राष्ट्रवाद की मजबूत नींव: गोपाल मोदी

भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी ने कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानते हुए नेहरू-लियाकत समझौते का विरोध किया और उद्योग मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने बताया कि इसके बाद 21 अक्टूबर 1951 को भारतीय जनसंघ की स्थापना हुई तथा 1952 के पहले आम चुनाव में जनसंघ के तीन सदस्य संसद पहुंचे। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने “एक देश में दो विधान, दो निशान और दो प्रधान नहीं चलेगा” का नारा देते हुए जम्मू-कश्मीर की परमिट व्यवस्था समाप्त कराने के लिए ऐतिहासिक आंदोलन किया और राष्ट्र की एकता एवं अखंडता के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। गोपाल मोदी ने आगे कहा कि 6 अप्रैल 1980 को भारतीय जनता पार्टी की स्थापना हुई, जिसके प्रथम राष्ट्रीय अध्यक्ष अटल बिहारी वाजपेयी बने। उन्होंने बताया कि 1984 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के केवल दो सांसद निर्वाचित हुए, लेकिन पार्टी ने संघर्ष का मार्ग नहीं छोड़ा और सशक्त विपक्ष की भूमिका निभाते हुए निरंतर जनविश्वास अर्जित किया।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से पहले भी भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में अटल बिहारी वाजपेयी तीन बार देश के प्रधानमंत्री रहे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के राष्ट्रवादी विचारों को जन-जन तक पहुंचाने और संगठन को और अधिक मजबूत बनाने का आह्वान किया।

डॉ. श्यामा प्रसाद के विचार आज भी कार्यकर्ताओं की ऊर्जा का स्रोत: डॉ. राजीव सिंह

इस अवसर पर सह संभाग प्रभारी रायपुर डॉ. राजीव सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचार आज भी भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए ऊर्जा और प्रेरणा का स्रोत हैं। उन्होंने कहा कि संगठन की वास्तविक शक्ति उसके समर्पित कार्यकर्ता हैं और राष्ट्रहित, सेवा तथा संगठन के मूल्यों के साथ प्रत्येक कार्यकर्ता को समाज के बीच सक्रिय रहकर कार्य करना चाहिए।

इस अवसर पर विधायक प्रेमचंद पटेल, महापौर संजू देवी राजपूत, वरिष्ठ पार्षद नरेंद्र देवांगन, प्रदेश सदस्य मीना शर्मा, जिला महामंत्री अजय विश्वकर्मा, संजय शर्मा, जिला उपाध्यक्ष मंजू सिंह, प्रफुल्ल तिवारी, रूक्मणी नायर, रेणुका राठिया, कमला बरेठ, अजय कंवर, विवेक मार्कंडेय, कमला किंडो, अर्जुन गुप्ता, प्रदीप सिंह, शैलेन्द्र यादव, संजय राठौर, दीपक चावड़ा, नीरज ठाकुर, अविनाश दुबे, प्रीति स्वर्णकार, डॉ. विजय राठौर, कुल सिंह कंवर, राजेश लहरे, उत्तम सिंह रंधावा सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम राष्ट्रवाद, संगठनात्मक एकजुटता एवं डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचारों के प्रति समर्पण का प्रेरणादायी संदेश देकर संपन्न हुआ।

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