Friday, March 27, 2026
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KORBA जनपद में फिर तकरार…उपाध्यक्ष-सीईओ आमने-सामने

कोरबा (खटपट न्यूज)। कोरबा जनपद पंचायत में व्याप्त आंतरिक कलह एक बार फिर उभरकर सामने आया है। जनपद प्रतिनिधियों और सीईओ तथा बाबू के मध्य की तकरार जनपद के गलियारे में फिर से गूंज रही है। एक दिन पहले ही 24 में से 23 जनपद सदस्यों ने उपाध्यक्ष कौशल्या वैष्णव के विरूद्ध अविश्वास प्रस्ताव लाया और इसके बाद उपाध्यक्ष की ओर से शिकायत कर सीईओ जीके मिश्रा एवं बाबू के विरूद्ध शासन की राशि निजी खाता में ट्रांसफर कराने का गंभीर आरोप लगाते हुए जांच और कार्यवाही की मांग की गई है। इस आगाज का अंजाम क्या होगा, इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

कोरबा जनपद उपाध्यक्ष कौशिल्या देवी वैष्णव ने आरोप लगाया है कि कुछ दिन पूर्व जनपद सीईओ गोपाल कृष्ण मिश्रा और बाबू सुरेश पाण्डेय के द्वारा आरटीजीएस के माध्यम से अपने निजी खाता में शासकीय मद की राशि 3.50 लाख रुपए जमा कराया और निजी उपयोग किया गया है। इसकी जानकारी मिलने पर सीईओ से कुछ सप्ताह पहले जानकारी ली तो अनभिज्ञता जाहिर किया गया। जनपद सदस्यों से चर्चा करने पर वे भी टाल-मटोल करते रहे। कुछ दिन पहले एक कागज जनपद पंचायत में प्राप्त हुआ जिसके संबंध में सीईओ को बुलवाकर दिखाने पर आक्रोशित हो गए और ऊंची पहुंच का हवाला दिया। उपाध्यक्ष का आरोप है कि इसके बाद मेरे विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया है। जनपद उपाध्यक्ष ने निजी खाता में संबंधित शाखा प्रभारी बाबू और सीईओ के द्वारा ट्रांसफर कराई गई राशि और 50 से 60 लाख रुपए गबन करने की जांच कराने की मांग करते हुए इसके समर्थन में पंजाब नेशनल बैंक को आरटीजीएस के जरिये पंजाब बैंक से बंधन बैंक में राशि कुल 3 लाख 50 हजार रुपये अंतरण के संबंध में लिखे गए पत्र की छायाप्रति भी संलग्न की है।
इधर दूसरी ओर जनपद पंचायत कोरबा की उपाध्यक्ष श्रीमती कौशल्या वैष्णव निर्वाचन क्षेत्र क्रमांक 22 उरगा के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव सूचना हेतु आवेदन कलेक्टर को सौंपा गया है। इस अविश्वास प्रस्ताव में 24 में से 23 जनपद सदस्यों ने अपने हस्ताक्षर किए हैं। जनपद सदस्यों का आरोप है कि उपाध्यक्ष जनपद क्षेत्र के विकास कार्यों के प्रति गंभीर नहीं हंै। इनके द्वारा पंचायत में जांच कराकर शासकीय राशि का गबन करने का आरोप लगाकर जेल भेजने की धमकी दी जाती है, जिसकी शिकायत सरपंच संघ के द्वारा कलेक्टर,पुलिस अधीक्षक व मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत को किया जा चुका है। उपाध्यक्ष अपने जनपद सदस्यों का विश्वास खो चुकी हैं। आरोप है कि जनपद पंचायत उपाध्यक्ष जनपद सदस्यों के साथ सही व्यवहार नहीं करती हंै। उनका पुत्र आशुतोष वैष्णव उपाध्यक्ष की अनुपस्थिति में उपाध्यक्ष का कमरा खोलकर देर रात तक बैठता है। जनपद के बाबू से अवैध वसूली का मांग करता है। पैसा नहीं देने पर गाली देता है जिससे कर्मचारी दहशत में हंै।

0 आखिर ऐसा क्यों..?

अब अविश्वास प्रस्ताव और गबन का आरोप दोनों ही आने वाले समय में किस हद तक साबित हो पाएंगे या निराकृत होंगे यह तो वक्त बताएगा, लेकिन यक्ष प्रश्न कायम है कि क्या आंतरिक व्यवस्था गड़बड़ाने के बाद ही शिकवा-शिकायतें सामने आती हैं? गबन की जानकारी पहले से थी तो अब तक इसे दबाए क्यों रखा गया? उपाध्यक्ष और पुत्र से दिक्कत है तो धमकी और वसूली की एफआईआर क्यों नहीं कराई जाती? कहा जा रहा है कि महत्वाकांक्षा की लड़ाई में ना तुम जीते-ना हम हारे की तर्ज पर कोई डाल-डाल तो कोई पात-पात चल रहा है।

0 अविश्वास प्रस्ताव पर 9 फरवरी को सम्मिलन कराएंगे पीठासीन अधिकारी

कलेक्टर संजीव झा ने जनपद पंचायत कोरबा के उपाध्यक्ष श्रीमती कौशिल्या बाई वैष्णव के विरूद्ध लाये गये अविश्वास प्रस्ताव के सम्मिलन की अध्यक्षता के लिए डिप्टी कलेक्टर मनोज कुमार खाण्डे को पीठासीन अधिकारी नियुक्त किया है। अविश्वास प्रस्ताव का सम्मिलन 9 फरवरी को सुबह 11 बजे कार्यालय जनपद पंचायत कोरबा के सभा कक्ष में आहुत किया जाएगा। पीठासीन अधिकारी विधिवत् सम्पूर्ण कार्यवाही संपन्न करेंगे।

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