0 कुटेश्वरनगोई तालाब की फर्जी मजदूरी मामले में लटकी तलवार

कोरबा(खटपट न्यूज़)। फर्जी मजदूरों को तालाब निर्माण के कार्य में लगना बताकर इनके खाते में लाखों रुपए का भुगतान करने के मामले में जांच उपरांत तत्कालीन जटगा रेंज के परिक्षेत्राधिकारी डिप्टी रेंजर सत्तूलाल जायसवाल (वर्तमान में मरवाही में पदस्थ) को वित्तीय अनियमितता का दोषी पाया गया है। आरोप पत्र के आधार पर शो-कॉज नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। उन पर अनुशासनात्मक कार्यवाही अब-तब में होना तय है। एफआईआर के साथ वसूली भी होगी।
कटघोरा वन मंडल के जटगा परिक्षेत्र में प्रभारी रेंजर के तौर पर उप वन क्षेत्रपाल सत्तूलाल जायसवाल 18 मार्च 2021 से 8 सितंबर 2021 तक पदस्थ रहे। इस अवधि में एपीओ वर्ष 2018-19 में स्वीकृत कैम्पा योजना के अंतर्गत तुमान परिसर के कक्ष क्र. पी-278 में ग्राम पंचायत कुटेसरनगोई में तालाब निर्माण कार्य में मजदूरों के भुगतान में गड़बड़ी की गई थी। इसकी शिकायत पर 5 सदस्यीय समिति गठित कर डीएफओ द्वारा जांच कराई गई। परिसर रक्षक प्रद््यूमन सिंह तंवर द्वारा अपने ही भाईयों को कार्य में लगवाकर उनके खाते में बहुत से मजदूरों के मजदूरी का भुगतान कराया गया व प्रभारी रेंजर ने इसका भुगतान किया। मजदूर के खाते में सीधे मजदूरी भुगतान के नियम का पालन न कर अन्य मजदूरों को नगद भुगतान किया गया और वित्तीय अनियमितता की गई। कार्यालय मुख्य वन संरक्षक बिलासपुर के द्वारा सत्तूलाल जायसवाल को इसका दोषी पाते हुए अनुशासनात्मक कार्यवाही की चेतावनी देकर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इसके पालन में कटघोरा डीएफओ द्वारा आरोप पत्र विभागीय कार्यालय को प्रेषित किया गया है।
0 वन रक्षक और सरपंच के रिश्तेदार हैं फर्जी मजदूर
खटपट न्यूज़ ने सबसे पहले यह खुलासा किया था कि ग्राम पंचायत कुटेश्वरनगोई में जंगल के भीतर तालाब निर्माण में मजदूरी करने वाले लोग करतला विकासखंड के ग्राम पंचायत सरगबुंदिया व इसके आसपास के रहने वाले हैं। जिन मजदूरों के नाम भुगतान किया गया वह सरगबुंदिया सरपंच आराधना व फॉरेस्ट गार्ड प्रद्युम्न सिंह तंवर के परिजन तथा रिश्तेदार हैं। सरपंच आराधना के पति अश्वनी, देवर प्रवीण पिता बलराम, रविंद्र पिता बलराम, रणजीत पिता बलराम के द्वारा यहां मजदूरी करना बताकर उनके नाम से राशि का भुगतान खाता में कराया गया। इनके अलावा संतोषी /करमन, मनीषा/करमन, जयंती/महामाया, सुकलाल/हरिप्रसाद, विनोद/लक्ष्मण, लक्ष्मण/ गंगाधर, राजेश /गोरेलाल, मोक्ष मदन/ शिवलाल, राजकुमार/घासीराम, मधु/छत्रपाल, रामेश्वर /सिरपाल, अरुण/श्रवण कुमार, अमृता कुमारी/श्रवण कुमार, देव शरण/ बेचन, कमला/देवशरण, लक्ष्मी/ देवशरण, सरवन/देव शरण, रामबाई/ देव शरण आदि के नाम मजदूरी भुगतान किया गया था।
0 3.44 लाख का भुगतान अपने ही घर
फॉरेस्ट गार्ड प्रद्युम्न सिंह तंवर के भाइयों को ही 3 लाख 44 हजार 338 रुपये का भुगतान उनके खाते में ट्रांसफर कराया गया। रविंद्र के नाम पर कुल 99 हजार 578 रुपये, प्रवीण के नाम पर 99 हजार 122 रुपये, रंजीत के नाम पर 96 हजार 138 रुपए, अश्वनी के नाम पर 49 हजार 500 रुपये मजदूरी भुगतान हुआ था। इनके अलावा अन्य नियोजित बताए गए सभी फर्जी मजदूरों को मिलाकर कुल 12 लाख 18 हजार 913 रुपए का भुगतान हुआ था। भुगतान तो असली था लेकिन मजदूर पूरी तरह से फर्जी थे जो करतला ब्लॉक से काम करने के लिए पोड़ी-उपरोड़ा ब्लॉक की लंबी दूरी तय कर पहुंचे थे। इस मामले की शिकायत रामपुर विधायक ननकीराम कंवर ने भी की थी और विधानसभा में सवाल भी उठाया था।















