
कोरबा (खटपट न्यूज)। भीषण गर्मी की शाम को खुशनुमा और मनोरंजक बनाने के लिए कोरबा के बुधवारी मैदान में सजे ‘छत्तीसगढ़ी डिज्नीलैंड मेले’ में इन दिनों जनसैलाब उमड़ रहा है। दिनभर की तपिश के बाद शाम होते ही लोग अपने परिवार और दोस्तों के साथ बड़ी संख्या में मेले का लुत्फ उठाने पहुँच रहे हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर आयु वर्ग के लोगों के लिए यह मेला इस समय शहर में आकर्षण का सबसे बड़ा केंद्र बना हुआ है।
इस बार मेले में मनोरंजन के साथ-साथ सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखा गया है। मेला परिसर में अंतरराष्ट्रीय मानकों वाले हाई-टेक झूले लगाए गए हैं, जो युवाओं में एड्रेनालिन रश (रोमांच) बढ़ा रहे हैं। बड़ों के लिए रोमांच: युवाओं और बड़ों के लिए टोरा-टोरा, ब्रेक डांस, टावर झूला, विशाल नाव झूला, जायंट फ्रिसबी और रोमांच से भरपूर गुडिय़ा मारुति सर्कस मुख्य आकर्षण हैं। बच्चों के लिए मस्ती: छोटे बच्चों के मनोरंजन के लिए मिकी माउस, मिनी ट्रेन, जंपिंग जैक, ड्रैगन ट्रेन और वाटर बोटिंग जैसी सुरक्षित और मजेदार व्यवस्थाएं की गई हैं। शॉपिंग के शौकीनों, खासकर महिलाओं के लिए मेले का ‘मीना बाजार’ किसी सौगात से कम नहीं है। यहाँ देश के कोने-कोने से आए हस्तशिल्पकारों के स्टॉल लगे हैं। बनारस की प्रसिद्ध बनारसी साडिय़ाँ, भागलपुर के सिल्क सूट और कश्मीर की खूबसूरत कुर्तियां महिलाओं को खूब आकर्षित कर रही हैं। घरेलू और ब्यूटी प्रोडक्ट्स: इसके अलावा डिजाइनर कांच और फाइबर के बर्तन, लेटेस्ट ब्यूटी प्रोडक्ट्स, ट्रेंडी ज्वेलरी और बच्चों के खिलौनों की दुकानों पर ग्राहकों की भारी भीड़ देखी जा रही है। मेले का फूड कोर्ट पेटू (फूडीज) लोगों के लिए जन्नत बना हुआ है। यहाँ पारंपरिक से लेकर फास्ट फूड तक की विस्तृत रेंज उपलब्ध है।

झारखंड और बिहार का पारंपरिक धुस्का-छोले, गरमा-शर्म मालपुआ और खाजा का स्वाद लोग बड़े चाव से ले रहे हैं। चिलचिलाती गर्मी से राहत पाने के लिए कुल्फी, आइसक्रीम और कोल्ड ड्रिंक्स के स्टॉल्स पर युवाओं की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। मेला प्रबंधन और कोरबा पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बेहद कड़े कदम उठाए हैं, ताकि परिवार बिना किसी डर के आनंद ले सकें। मानिकपुर चौकी पुलिस की टीम मेला परिसर में तैनात है। असामाजिक तत्वों पर नजर रखने के लिए सादी वर्दी में भी पुलिसकर्मी गश्त कर रहे हैं। पूरे मेला क्षेत्र को ष्टष्टञ्जङ्क कैमरों की निगरानी में रखा गया है। किसी भी तकनीकी खराबी या हादसे से बचने के लिए झूलों की तकनीकी टीम द्वारा समय-समय पर ‘सेफ्टी फिटनेस’ की जांच की जा रही है। मेला प्रबंधन ने नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कुछ बेहद जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
अनुशासन का पालन: झूलों और स्टॉल्स पर कतार (लाइन) में लगें, धक्का-मुक्की करने से बचें। किसी भी प्रकार का विवाद होने पर बिना समय गंवाए तुरंत परिसर में बने पुलिस सहायता केंद्र को सूचित करें। भीड़-भाड़ वाले इलाके में अपने कीमती सामान, पर्स और मोबाइल का विशेष ध्यान रखें। मेला प्रशासन ने साफ किया है कि नशे में संतुलन बिगडऩे, हार्ट अटैक आने या सेफ्टी लॉक ठीक से न लगने के कारण जानलेवा हादसे का खतरा रहता है, इसलिए नियमों की अनदेखी बिल्कुल न करें। यह मेला आम जनता के लिए रोजाना शाम 5 बजे से रात 10 बजे तक खुला रहता है। मेला प्रबंधन के अनुसार, एंट्री फीस और झूलों की दरें बेहद किफायती (पॉकेट फ्रेंडली) रखी गई हैं ताकि समाज के हर वर्ग का व्यक्ति यहाँ आकर अपनी खुशियाँ मना सके। मेला आयोजकों का कहना है कि यह आयोजन शुद्ध रूप से पारिवारिक और बच्चों की खुशियों के लिए है, इसलिए शांति व्यवस्था बनाए रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत अधिकारियों को दें।















