0 नया एप इंस्टॉल करने का दिया जा रहा है झांसा,भुगतान रोकने की धमकी से न घबराएं

कोरबा(खटपट न्यूज़)। तरह-तरह से ठगी को अंजाम देने वाले अज्ञात ठगों के द्वारा अब बीएलओ को भी अपने निशाने पर रखा जा रहा है। निर्वाचन संबंधी कार्यों में मैदानी स्तर पर अहम भूमिका निभाने वाले बीएलओ को प्रशासन/जिला निर्वाचन की ओर से सजग किया जा रहा है ताकि वे किसी भी तरह से वे ठगों के झांसे में न आएं।
निर्वाचन संबंधी कार्यों में मैदानी स्तर पर बूथ लेबल ऑफिसर (बीएलओ) अहम भूमिका निभाते हैं और मतदाता सूची तैयार करने में भी इनका अहम योगदान होता है। शिक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग, नगर निगम से लेकर विभिन्न विभागों से कर्मचारी लेकर बीएलओ का कार्य कराया जाता है और इसके एवज में बीएलओ को मानदेय स्वरूप 6 हजार रुपए प्रदाय करते हैं। जिला निर्वाचन के अधीन येे बीएलओ कार्यरत होते हैं। जिले के कोरबा, रामपुर, कटघोरा व पाली तानाखार विधानसभा क्षेत्रों को मिलाकर कुल 1 हजार 80 बीएलओ कार्यरत हैं। अब ठगों ने इन बीएलओ को भी टार्गेट में रखा है। पिछले कुछ महीनों से जिले के कई बीएलओ अथवा को फोन कर स्वयं को अधिकारी बताते हुए कहा जा रहा है कि उनको नया एप एनीडेस्क रिमोट डेस्कटॉप सॉफ्टवेयर अपने मोबाईल में इंस्टॉल करना है और यदि ऐसा नहीं करोगे तो आपका पेमेंट रोक दिया जाएगा।

इस तरह का फर्जी फोन कर ठगों के द्वारा पड़ोसी जिला में दो बीएलओ को शिकार बनाया जा चुका है वहीं कुछ और जिलों से ऐसी सूचनाएं सामने आ रही हैं। हालांकि कोरबा जिले में जब विगत महीनों में इस तरह की कोशिश सामने आई तब जिला निर्वाचन कार्यालय से समस्त बीएलओ को व्हाट्सएप गु्रप के जरिए सचेत किया गया कि किसी भी तरह से आने वाले फोन पर विश्वास न करें और झांसे में न आएं। समय रहते सतर्क कर जाने और अभी भी फोन आने पर बीएलओ की जागरूकता के कारण ठगों के मंसूबे फिलहाल कोरबा जिले में कामयाब नहीं हो सके हैं।
0 अधिकृत एप का ही उपयोग करें सभी बीएलओ
जिला निर्वाचन कार्यालय से बताया गया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा ईआरओ नेट, गरुणा एप, वोटर हेल्प को ही निर्वाचन और मतदाता सूची संबंधी कार्य के लिए अधिकृत किया गया है। ईआरओ नेट पर निर्वाचन विभाग अपने कार्य करता है जबकि गरुणा एप बीएलओ के लिए इंस्टॉल कराया गया है जिसमें बीएलओ के द्वारा मतदाताओं के नाम जोड़ने, विलोपित करने, त्रुटि सुधार व स्थान परिवर्तन के लिए ऑनलाइन आवेदन भरे जाते हैं। इसी एप के जरिए मतदाता सूची व निर्वाचन संबंधित कार्य होते हैं। इनके अलावा दूसरे किसी भी एप्लीकेशन का उपयोग करने से बचने की सलाह समस्त बीएलओ को दी गई है। साथ ही कहा गया है कि अपना ओटीपी नम्बर व बैंक खाता,एटीएम संबंधी पिन/गोपनीय जानकारी बिलकुल भी न बताएं।















