
कोरबा (खटपट न्यूज)। महिलाओं को सशक्त एवं स्वावलंबी बनाने की दिशा में निरंतर सक्रिय माँई जी फाउंडेशन सोसायटी द्वारा छत्तीसगढ़ी व्यंजनों, संस्कृति और परंपरा के संरक्षण व संवर्धन के उद्देश्य से एक दिवसीय विशेष आयोजन व्यंजनों की बगिया का भव्य आयोजन किया गया। रविवार को घंटाघर स्थित ओपन थिएटर में प्रात: 10 बजे से प्रारंभ हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
आयोजन में उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी, महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत, जिला महामंत्री नरेन्द्र देवांगन, राकेश श्रीवास्तव, नौशाद खान, फाउंडेशन की अध्यक्ष श्रीमती निधि तिवारी, सचिव श्रीमती हेमलता शर्मा एवं सचिव श्रीमती श्रद्धा बुंदेला की उपस्थिति रही। कार्यक्रम के अंतर्गत छत्तीसगढ़ी पारंपरिक व्यंजनों के विविध आकर्षक स्टॉल लगाए गए, जिनमें चीला, फरा, अइरसा, पीडिया, पपची, देहरौरी, बड़ी, बिजौरी, दही-मिर्ची सहित अनेक पारंपरिक स्वादों ने लोगों को छत्तीसगढ़ी खानपान से रूबरू कराया। यह व्यंजन मेला न केवल स्वाद का उत्सव बना, बल्कि स्थानीय महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता का सशक्त मंच भी सिद्ध हुआ। सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक आयोजित पारंपरिक एवं मनोरंजक प्रतियोगिताओं का सभी ने आनंद लिया। शाम 4 बजे से छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति को समर्पित भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। प्रसिद्ध लोक कलाकार पूजा दीवान द्वारा प्रस्तुत पंडवानी ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके साथ ही स्थानीय कलाकारों ने सुआ, गेड़ी, करमा, ददरिया, छेरछेरा जैसे छत्तीसगढ़ी लोकगीत एवं नृत्यों की मनोहारी प्रस्तुतियाँ देकर पूरे वातावरण को लोकमय बना दिया। व्यंजनों की बगिया आयोजन ने यह संदेश दिया कि महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और सांस्कृतिक विरासत एक-दूसरे के पूरक हैं।















