Sunday, March 22, 2026
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तालाबंद आंदोलन : सराईपाली परियोजना के भूविस्थापितों ने 5 माह बाद खोला मुख्य द्वार का ताला

0 14 जून से परियोजना द्वार के सामने झोपड़ी बना कर रह रहा था भूविस्थापित परिवार

कोरबा, (खटपट न्यूज़)। पिछले एक माह से लगातार ऊर्जाधानी भूविस्थापित किसान कल्याण समिति के साथ कई दौर की बैठक एसईसीएल प्रबंधन के साथ हुई। आखिर में 16 नवम्बर को हुए बैठक में समझौता हो पाया। इसके साथ ही 14 जून से परियोजना के मुख्य द्वारा पर जड़ा गया ताला भूविस्थापितों ने खोल दिया।

याद रहे कि एसईसीएल कोरबा क्षेत्र की सराईपाली परियोजना खदान में भूविस्थापितों को कोयला परिवहन के कार्य में भागीदारी और ठेका के लिए आंदोलन किया जा रहा था। 14 जून 2020 से प्रभावित भूविस्थापितों के द्वारा ऊर्जाधानी भूविस्थापित किसान कल्याण समिति के नेतृत्व में आंदोलन प्रारंभ कर परियोजना मुख्य द्वार के सामने ही झोपड़ी बनाई गई। इस झोपड़ी में ही भूविस्थापित परिवार रह रहा था। इस संबंध में श्रमिक नेता सपुरन कुलदीप ने बताया कि कोयला लोडिंग एवं ट्रांसपोर्टिंग में 20 प्रतिशत कार्य भुविस्थापितों को दिए जाने के संदर्भ में जो गाइड लाइन जो फंक्शनल डायरेक्टर द्वारा जारी की गई है, उसे आगामी बोर्ड की बैठक में रखा जाएगा l इस योजना को लागू करने रोजगार से वंचित बेरोजगार भुविस्थापितो को वैकल्पिक रोजगार का दरवाजा खुल जाएगा ।
कोल इंडिया पॉलिसी 2012 लागू होने से 2 एकड़ में एक नौकरी के प्रावधान के कारण रोजगार की समस्या बढ़ गयी है जिसके कारण बेहतर मुआवजा, रोजगार और बसाहट सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं की मांग पर भूविस्थापितों का आंदोलन तेज हो गया है। अभी कट ऑफ पाइंट के नीचे आने वाले भूवस्थापित कई समस्याओं को झेल रहे हैं। वार्ता के दौरान बृजेश श्रीवास, श्यामू जायसवाल, श्रीकांत सोनकर, रूद्र दास महंत, प्रकाश कोराम, ललित महिलांगे, दीपक श्याम, गजेंद्र सिंह ठाकुर, नरेंद्र प्रधान, मनोज यादव, अर्जुन वस्त्रकर, रामकुमार केंवट, संतोष सिंह ,राजू यादव, इंद्रपाल सिंह, अजय यादव, हरीश यादव, दिलेश्वर यादव,भरत लाल श्रोते, रामकुमार, आशीष कुमार, मंगला यादव, राम कुमारी, राम बाई, गंगोत्री बाई, उर्मिला, सुनीता श्रीवास्तव, चंदन नायक, सनी दास, अशोक कुमार, नंदिनी नायक, राकेश नायक, राधेश्याम नायक, रामचरण, जनकराम निषाद, जग नारायण, देवी सिंह, चंदन, तिरिथ राम सतीश चंद्रा एवं अन्य भू विस्थापित उपस्थित रहे।
0 तालाबन्दी आंदोलन में हुए समझौते के प्रमुख बिंदु
ठेका कंपनी के साथ अनुबन्ध कर कोयला लदान और ट्रांसपोर्ट का कार्य सराईपाली भूविस्थापित सोसाइटी की फर्म करेगी। स्थानीय भूविस्तापित बेरोजगारों को 100 प्रतिशत वैकल्पिक रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। केवल आवश्यक कुशल कामगार जो गांव में नहीं मिल सकेंगे उनको ही ठेकेदार बाहर से रख सकेगा। इसके बाद के होने वाले कार्यों में एफडी के 20 प्रतिशत कांसेप्ट के निर्णय को बोर्ड से लागू कराने के लिए प्रयास जारी रहेगा। कौशल उन्नयन के तहत स्थानीय बेरोजगारों को विभिन्न ट्रेड में ट्रेनिंग देकर वैकलिप्क रोजगार के लिए अवसर प्रदान किया जाएगा। पार्ट्स सप्लाई, सिविल, वृक्षारोपण आदि जैसे कार्यो में भूविस्थापितों को प्राथमिकता दी जाएगी और स्वरोजगार प्रदाय करने में सहयोग किया जाएगा। प्रति माह भूविस्थापितों के बीच संवाद कायम रखा जाएगा एवं उनकी मूलभूत सुविधाओं के निराकरण का प्रयास किया जाएगा।
0 नामित व्यक्ति को जल्द रोजगार
सकारात्मक चर्चा के साथ ही विभागीय पत्र क्र. एसईसीएल/मप्र /कोरबा/भू राजस्व/ 20/517 दिनांक 11/11/2020 द्वारा जारी सराईपाली परियोजना के लिए ग्राम राहाडीह की अधिग्रहित भूमि खसरा न0 99-100 का प्रकरण का निपटारा किया जा चुका है (जिनका झोपड़ी बना था)। उक्त परिवार द्वारा नामित व्यक्ति को नियमानुसार जल्द से जल्द रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। बाकी बचे सभी खातेदारों के रोजगार और बसाहट के मामले को ओबी के कार्यावधि में समाधान करने का प्रयास किया जाएगा।

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