
कोरबा(खटपट न्यूज़)। जिले में स्वास्थ्य कार्यकर्ता एमपीडब्ल्यू और एएनएम की हो रही भर्ती प्रक्रिया में इस बात का संदेह जताया गया है कि अन्य जिले के निवासी भी कोरबा जिले का फर्जी निवास प्रमाण पत्र बनवाकर नौकरी प्राप्त करने की फिराक में हैं।
जिले में एमपीडब्ल्यू एवं एएनएम सीधी भर्ती केवल कोरबा जिले के मूल निवासियों के लिये आरक्षित किया गया है। संदेह है कि अन्य जिले के निवासी अभ्यर्थियों द्वारा केवल नौकरी लाभ के लिये कोरबा जिले का फर्जी निवास प्रमाण पत्र बनवाकर आवेदन किये गए हैं। मूल निवासी होने के लिये केवल निवास प्रमाण पत्र धारक को ही कोरबा जिले का निवासी ना माना जाये। जो व्यक्ति कोरबा के वास्तविक मूल निवासी होंगे उनके पास कोरबा जिले का ही संपूर्ण दस्तावेज होगा जैसे कि कोरबा जिले का निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, रोजगार पंजीयन, आधार कार्ड, मतदाता परिचय पत्र, राशन कार्ड इत्यादि। अनुभव प्रमाण पत्र देकर जो आवेदन किये हैं, उनके शासकीय नियुक्ति आदेश की कॉपी ली जाए।

चूंकि केवल कोरबा जिले के मूल निवासियों से ही एमपीडब्ल्यू एवं एएनएम हेतु आवेदन मांगा गया था, जिसमें एमपीडब्ल्यू के लिये 223 एवं एएनएम के लिए 635 आवेदन आए हैं जिससे कि सभी आवेदनकर्ता के कोरबा जिले के मूल निवासी होने पर संदेह हो रहा है, इसलिए उपरोक्त दस्तावेज रहने पर ही कोरबा जिले का मूल निवासी माना जाये ताकि मूल निवासियों के साथ धोखा ना हो एवं जिले के लोगों को ही नौकरी का लाभ मिले। इस संबंध में पूर्व एमपीडब्ल्यू स्वास्थ्य संयोजक संतोष सागर निवासी ग्राम खरवानी ने कलेक्टर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा चयन समिति के सदस्यों को ज्ञापन प्रेषित किया है।














