Tuesday, March 24, 2026
Home कोरबा कोविड अस्पतालों में बिलिंग का खेल, संक्रमित मरीजों के जेब पर सीधा...

कोविड अस्पतालों में बिलिंग का खेल, संक्रमित मरीजों के जेब पर सीधा डाका डाल रहे

कोरबा (खटपट न्यूज)। कोविड-19 कोरोना वैश्विक संक्रामक महामारी को रोकने के लिए संक्रामक लोगों को समय पर आइसोलेशन करने के अलावा ज्यादा संक्रमण की स्थिति में उन्हें कोविड अस्पताल में दाखिल कराकर इलाज करने का कार्य कोरबा जिले में भी चल रहा है। कोरबा जिले में जिस तरह से संक्रमण का खतरा बढ़ा है और हर दिन 100-200 से अधिक मरीज हर इलाके से आ रहे हैं। इन मरीजों में गरीब, मध्यम और धनाढ्य वर्ग के लोग शामिल हैं। कोविड-19 अस्पताल के लिए जिला प्रशासन के द्वारा निजी अस्पतालों के प्रबंधन को भी निजी कोविड अस्पताल बनाने निर्देशित किया गया है। शहर क्षेत्र में कई निजी कोविड अस्पताल संचालित भी हो रहे हैं, लेकिन इन निजी अस्पतालों में बिलिंग का कोई हिसाब-किताब न तो रखा जा रहा है और न तो कोई देखने वाला है। स्थिति इतनी गंभीर हो रही है कि मरीज के इलाज के लिए महंगी दवाओं के साथ-साथ जांच करने के समय पीपीई किट भी मरीज के जेब से खरीदकर देना पड़ रहा है। एक पीपीई किट की कीमत 1000 रुपए निजी कोविड अस्पतालों में ली जा रही है जबकि इसे 150 से 250 रुपए में खरीदा जाता है। पहले से स्टाक में काफी कम कीमत पर बड़ी मात्रा में खरीदकर रखे गए पीपीई किट को 1000 रुपए लेकर आखिर मरीज को कौन सी राहत देने की बात प्रशासन और स्वास्थ्य अमला करता है? एक ही किट को पहनकर चिकित्सक और स्टॉफ 15-20 मरीजों की जांच करते हैं लेकिन इन सभी से 1000-1000 रुपए पीपीई किट के नाम पर वसूली हो रही है। 4 हजार रुपए कीमत का इंजेक्शन 5 हजार रुपए में निजी अस्पताल में बेचा जा रहा है। प्राय: सभी कोविड अस्पतालों का यही हाल है जहां भर्ती होने के बाद मरीज को कई उपचार सामग्रियों का बढ़ा हुआ दाम अनावश्यक ही देना पड़ रहा है। जिला प्रशासन को ऐसे निजी अस्पतालों में भर्ती होकर निकलने वाले मरीजों से पूछताछ करने के साथ ही औचक निरीक्षण एवं रिकार्डों का मिलान एवं हिसाब-किताब की जांच करने की जरूरत है।

Advertisement Carousel