
कोरबा-दीपका, (खटपट न्यूज़)। दीपका थाना क्षेत्र अंतर्गत एसीबी के सैनिक कैंप में शनिवार-रविवार की मध्य रात्रि कैंप के भवन में प्रवेश कर की गई लाखों रुपए की लूट की गुत्थी सुलझाने में पुलिस ने एड़ी -चोटी का जोर लगा दिया है। आरोपियों की पतासाजी के साथ-साथ वारदात करने के तरीके और इस संबंध में कई तरह की शंकाओं का भी समाधान तलाशने में महकमा जुटा हुआ है।
दरअसल मध्य रात्रि करीब 1 से 2 बजे के बीच कथित तौर पर सैनिक कैंप के भीतर खिड़की के रास्ते से तीन-चार लोग घुसे। इस वक्त यहां सुरक्षाकर्मी के तौर पर देवी प्रसाद साहू और श्याम सुंदर महतो मौजूद थे। इन दोनों पर लुटेरों द्वारा हमला किया गया। सिर पर चोट लगने से दोनों अचेत हो गए तब खींचकर एक कमरे में बंद कर दिया गया। बताया जा रहा है कि एक कर्मचारी सैनिक कैंप में वाहन चालक है जो जरूरत पड़ने पर चालक और बाकी समय गार्ड की ड्यूटी निभाता है । दोनों कर्मियों को कमरे में बंद करने के बाद वारदातियों ने कमरे में मौजूद अलमारी को तोड़ा। सूत्रों के मुताबिक जिस अलमारी में रुपए लाखों रुपए रखे गए थे, वह अलमारी तीन तरफ से ईट निर्मित है और सामने की ओर लोहे का दरवाजा लगाया गया है । वारदातियों ने अलमारी के दरवाजे को खोलने या तोड़ने की बजाय ईंट निर्मित दीवार के एक हिस्से को किसी औजार की मदद से तोड़ा और वहां रखे रुपए लेकर चलते बने। इस पूरे मामले में अब तक जो जानकारी छन कर सामने आ रही है उसमें स्पष्ट तौर पर पुलिस भी यह नहीं बता पा रही कि वारदात करने वाले कमरे के भीतर घुसे तो किस रास्ते से ! अपराधियों के द्वारा ले जाई गई रकम को लेकर भी संशय बना हुआ है। सैनिक कैंप के जिम्मेदार कर्मचारी और अधिकारी भी कुछ स्पष्ट नहीं कर पा रहे हैं। यहां मीडिया को फोटो और वीडियो लेने से भी रोका गया है। प्राथमिक तौर पर जो परिस्थितियां दिख रही हैं उससे इस बात की प्रबल संभावना महकमे के लोग भी जता रहे हैं कि किसी जानकार का ही हाथ इस वारदात में है जिसे कैम्प भवन के करीब 12 कमरों में से कैश रूम और उक्त आलमारी में बारे में पहले से जानकारी थी। सबसे बड़ी बात यह भी है कि लाखों रुपए के रखरखाव में पूरी तरह से लापरवाही बरती गई है । लेखा-जोखा भी कुछ साफ साफ नहीं दिख रहा है जिससे लूटी गई कुल सही रकम का आंकड़ा भी दोपहर तक सामने नहीं लाया जा सका है। हालांकि अलसुबह तक करीब 31 लाख (30 लाख 60 हजार) रुपए लूट की बात सामने आती रही लेकिन सूत्र बताते हैं कि यह राशि बढ़ भी सकती है और घट भी सकती है।
इस पूरे घटनाक्रम में दूसरे पहलू से यह भी बताया जा रहा है कि कुछ लोग कैम्प के दरवाजे को खोलने का प्रयास कर रहे थे जिसकी आहट सुनकर भीतर मौजूद सुरक्षाकर्मी जाग गए और इन लोगों ने अपराधियों को वहां से चले जाने के लिए कहा। इसके बाद मौका पाकर वारदाती कमरे में घुसे तब सुरक्षाकर्मियों ने विरोध किया। उन पर हमला कर अचेत होने पर कमरे में बंद करने के बाद वारदात को अंजाम दिया गया। अलग-अलग तरह की बातें भी मामले को उलझा रही हैं लेकिन तमाम उलझी हुई गुत्थियों को सुलझाने के प्रयास में पुलिस अधीक्षक अभिषेक मीणा, एएसपी कीर्तन राठौर, सीएसपी केएल सिन्हा के मार्गदर्शन में पुलिस की टीम लगी हुई है। डॉग स्क्वाड की भी मदद ली जा रही है। मामला लूट का है या कुछ और , इसका खुलासा तो पुलिस की विस्तृत जांच पड़ताल के बाद ही हो सकेगा लेकिन इस पूरे मामले को लेकर एसीबी, कैम्प और दीपका क्षेत्र में चर्चाएं भी तरह-तरह की होने लगी हैं।















