
बिलासपुर/कोरबा(खटपट न्यूज़)। बिलासपुर जिले के कोटा थाना अंतर्गत बेलगहना पुलिस चौकी के ग्राम पंचायत करहीकछार,में एक 13 वर्षीय मूकबधिर नाबालिग आदिवासी लड़की अनाचार के बाद ना केवल गर्भवती हो जाने पर समाज के ठेकेदारों नें सामाजिक बैठक कर नाबालिग का चुपचाप गर्भपात कराए जाने के मामले में कोटा पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
खबर के बाद पूरे मामले में पुलिस प्रशासन सजग हुआ दूसरी तरफ पीड़िता की मां जो बेटी और परिवार से अलग रहती है उसने इस पूरे मामले में कोटा थाने में शिकायत करते हुए बेटी को न्याय दिलाने और गुनाहगारों को सजा दिलाने पुलिस प्रशासन से गुहार लगाते हुए आवेदन दिया था।
मीडिया को दिए बयान में मां ने कहा था…कि मेरी नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म हुआ है,उसके गर्भवती होने पर रिश्तेदारों नें समाजिक बैठक के बाद दबाव में और बदनामी के डर से रिश्तदारों नें गर्भपात कराया, दुष्कर्म के आरोपी को सजा दिलाने की बजाय,समाज के ठेकेदारों द्वारा संरक्षण दिया जा रहा है। बेटी को इंसाफ दिलाने कोटा थाने में शिकायत की हूँ और इंसाफ की लड़ाई लड़ती रहूंगी।
दूसरी तरफ कोटा थाना प्रभारी प्रशांतकान्त ने बताया कि मामले में अपराध दर्ज कर लिया गया है और कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है वहीं पीड़िता को मेडिकल के लिए भेजा गया है। मिली जानकारी के अनुसार पुलिस पीड़िता की मां को लेकर पीड़िता के गांव करहीकछार पहुँची थी जहाँ परिवार के लोगों और गांव के लोगों से पूछताछ करनें के बाद कुछ लोगों को पूछताछ के लिए पुलिस कोटा थाने लेकर आ गई। वहीं पीड़िता का चाचा पुलिस के गांव पहुचने के पहले ही फरार हो गया था। सूत्रों की माने तो पुलिस नें पिछले दो दिन से हिरासत में लिये गए आरोपियों से देर रात तक पूछताछ की है। कल दोपहर बाद गांव से चाचा को गिरफ्तार कर कोटा थाना लाये जाने की खबर है। हो सकता है कि चाचा द्वारा कोई महत्वपूर्ण जानकारी पुलिस को मिले।
सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि पुलिस मामले को दबाने प्रार्थिया पर ग्रामीणों से बेजा दबाव बना रही है, क्योंकि कुछ ग्रामीण दोपहर बाद थाने पहुँचे थे और प्रार्थिया पर रिपोर्ट वापस लेने का दबाव बना रहे थे।
बहरहाल पुलिस पीड़िता का मेडिकल टेस्ट और हिरासत में लिए गए संदेही लोगों से घटना से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग जुटाने में जुटी हुई है । पुलिस सूत्रों के अनुसार पुलिस को पूछताछ के दौरान घटना से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं जिन कड़ियों को जोड़कर पुलिस आगे बढ़ रही है। देखना होगा कि पुलिस की पूछताछ और जांच,पीड़िता को न्याय दिलाने में कामयाब हो पाती है या,ये पूछताछ और जांच का खेल यूं ही बदस्तूर जारी रहेगा!
सवाल 01 ग्रामीण किसके इशारे पर विरोध करने गए थे कोटा थाना?
सवाल 02 जब विरोध करना ही था तो जब मामले की तहकीकात और पूछताछ में पुलिस पीड़िता के गांव गई थी तब क्यों नहीं किया गया?
सवाल 03 पीड़िता का चाचा पुलिस के गांव पहुचने से पहले फरार क्यों हुआ?
सवाल 04 गर्भपात कराने का निर्णय किसके कहने पर लिया गया और कौन कौन लेकर कहाँ कहाँ गया?
सवाल 05 नाबालिग का गर्भपात किसने और क्यों किया जब यह गैरकानूनी है?
सवाल 06 पीड़िता का मेडिकल में विलंब क्यों हो रहा है?
सवाल 07 चूंकि पीड़िता बोल नहीं सकती तो पुलिस मूकबधिर शाला बिलासपुर के विशेषज्ञों की सहायता लेकर वैज्ञानिक सबूतों को एकत्रित करने में इंटरेस्ट क्यों नहीं ले रही?
सवाल08 क्यों पुलिस पीड़िता की माँ के द्वारा सौपे गए नामजद शिकायत आवेदन के कुछ नामों को नजरअंदाज कर रही है?















