
कोरबा (खटपट न्यूज)। वर्षों से बंद पड़े खंडहरनुमा मकान में रखे गए कोरोना संक्रमित वृद्ध दंपत्ति को स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा लापरवाही बरतते हुए दवाई न देने और कोविड अस्पताल में भर्ती न कराने के संबंध में खटपट न्यूज द्वारा प्रसारित खबर के बाद स्वास्थ्य महकमे ने संज्ञान लिया और कुछ ही घंटे के भीतर दंपत्ति को कोरबा स्थित ईएसआईसी विशेष कोविड अस्पताल में दाखिल कराया गया।
खटपट न्यूज ने रविवार की सुबह इस खबर को प्रमुखता से प्रसारित किया जिसके पश्चात हरकत में आए स्वास्थ्य महकमे ने आवश्यक कार्यवाही की। कटघोरा खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. रूद्रपाल सिंह कंवर ने बताया कि मामला संज्ञान में आने के तत्काल बाद दोनों दंपत्ति को एंबुलेंस के जरिए सावधानीपूर्वक ईएसआईसी कोविड अस्पताल में भर्ती करा दिया गया। वहां उन्हें आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं मिल रही है।
हम आपको फिर से बता दें कि कटघोरा ब्लॉक के बलगी कालोनी में पिछले दिनों एक परिवार के सदस्यों का कोरोना पॉजिटिव होने का मामला आया था, वहीं उनके साथ रहने वाले बुजुर्ग 80 -85 वर्षीय माता-पिता निवास कर रहे थे, जिन्हें कोरोना संक्रमण के डर से 1 नं. दफाई, वार्ड क्र.56, डगनियाखार में अपने एक रिश्तेदार के घर भेज दिया गया। दोनों बुजुर्ग अपने रिश्तेदार के यहां सामान्य तरीके से एक सप्ताह रहे। इस बीच कई अन्य व्यक्तियों से भी वे मिलते रहे। शुक्रवार 25 सितम्बर को दोनों वृद्धों का कोरोना टेस्ट पॉजिटिव आने के बाद संबंधित स्वास्थ्य विभाग की जानकारी में उनके परिजनों द्वारा वहीं मोहल्ले के बीच में वर्षों से बंद पड़े सूने क्षतिग्रस्त मकान में आनन-फानन में लाकर रख दिया गया था। उस मकान में शौचालय तक की व्यवस्था नहीं है। यहां तक कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा उन्हें बीते दो दिनों से कोई दवाई भी नहीं दी गई थी। इस तरह 80 -85 वर्षीय वृद्ध माता-पिता को जहां परिजन सूने मकान में छोड़ दिए थे वहीं स्वास्थ्य विभाग का रवैया भी समझ से बाहर था। इस गैर जिम्मेदाराना कृत्य की जानकारी आसपास के लोगों को होने से उनमें भी भय व्याप्त हो गया था और इस संबंध में अपनी शिकायत बीएमओ से लेकर सीएमएचओ तक पहुंचाई थी।















