0 तीन दिन पहले बारिश में 11 kv तार टूटने से जल गए करीब एक लाख के इलेक्ट्रानिक सामान

कोरबा (खटपट न्यूज)। दर्री क्षेत्रांतर्गत बसाई गई पुष्प पल्लव आवासीय कालोनी फेस-4 के रहवासियों को कई तरह की समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। निर्माण संबंधी कई तरह की तकनीकी खामियों की वजह से यह कालोनी नगर पालिक निगम को हैंडओवर नहीं की जा सकी है और कई तरह की व्यवस्थाएं बिल्डर के जिम्मे हैं। यहां के लोग बिजली के अलावा साफ-सफाई व अन्य तरह की मूलभूत समस्या से भी दो-चार हो रहे हैं लेकिन बिजली की छिन्न-भिन्न व्यवस्था कुछ ज्यादा ही परेशान किए हुए है। दो दिन पहले 22 सितंबर को दोपहर के वक्त हुई बारिश में हवा के झोंके से 11केवी क्षमता का एक तार टूटकर गिर गया और कालोनी के अनेक घरों के विद्युत उपकरण जल गए।

कालोनीवासियों के मुताबिक बदहाल बिजली व्यवस्था का आलम यह है कि 11 केवी तार युक्त बिजली का खंभा नाली के किनारे ही खड़ा कर दिया गया। कालोनी में जय अम्बे टेंट हाउस के पास कमजोर कांक्रीट के सहारे खड़ा यह खंभा जमीन का साथ छोड़ता जा रहा है और कभी भी गिर सकता है। इस खंभे को थामने के लिए सड़क के दूसरी ओर स्थित खंभे से इसे रस्सी से बांधकर सहारा देने का काम बिल्डर ने किया है। यदि यह बंधन कमजोर हुआ तो 11 केवी तार वाला खंभा गिर जाएगा व जन-धन हानि की आशंका हमेशा बनी रहती है। कालोनीवासियों ने इस बात पर आश्चर्य जताया है कि एक ही खंभे में 11 केवी व 220 लाइन का तार खींचा गया है। हाईटेंशन तार के बीच दूरियां तो हंै लेकिन यह दूरी बरकरार रखने आपस में सपोर्ट देने के लिए कोई प्लेट अथवा बांस आदि का सहारा नहीं लगाया गया है जिससे आंधी-तूफान में तार टूटने पर जमीन तक लटक कर नाली में गिरकर हादसे का सबब भी बनता है। इसी लापरवाही का खामियाजा 22 सितंबर को भुगतना पड़ा जब 11 केवी का तार टूटने से शार्ट सर्किट हुआ और स्वीच बंद होने के बावजूद विद्युत उपकरण जल गए। यह भी बताया गया कि कालोनी का हस्तांतरण न होने से समिति के लोग ही बिजली, पानी, सफाई के लिए आपस में 500-500 रुपए चंदा इक_ा कर आवश्यक कार्य कराते हैं। इसी राशि से 15 दिन पहले कालोनी के सभी खंभों में स्ट्रीट लाइट का बल्ब लगवाया गया था जो खराब हो गए हैं।

0 लोक सुराज का आवेदन अब जाकर निपटा
कालोनीवासियों के बताए अनुसार कालोनी के काफी हद तक झुके हुए गिरने की कगार तक पहुंचे एक बिजली खंभे को सही करने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के शासन काल में लोक सुराज अभियान के तहत आवेदन राज्यपाल व मुख्यमंत्री के नाम दिया गया था। यह आवेदन मार्क होकर आवश्यक कार्रवाई के लिए राज्य विद्युत वितरण कंपनी के स्थानीय ईई को भेजा गया। ईई ने इसे जेई को फारवर्ड कर दिया और जेई ने बिल्डर को नोटिस थमा दिया। उस समय चूंकि कालोनी का चौथा फेस निर्माणाधीन था इसलिए विद्युत विभाग ने आवश्यक सुधार कार्य की जिम्मेदारी भी बिल्डर की बताई। उक्त कार्य करीब दो साल बीतने के बाद अभी हाल-फिलहाल बिल्डर के द्वारा क्रेन बुलाकर खंभे को सीधा कराया गया।















