
कोरबा(खटपट न्यूज)। शुक्रवार को देर रात गेरवाघाट में हसदेव नदी से रेत काअवैध खनन करने पहुंचे रेत माफिया से जुड़े लोगों की स्थानीय युवकों से भिड़ंत हो गयी। रेत खनन के लिए प्रतिबंध के बाद भी व वर्तमान में लगे कोरोना लॉकडाउन को किनारे कर रात के वक्त घाट पर गए रेत माफियाओं का स्थानीय युवकों के साथ विवाद होने पर माफियाओं ने प्राणघातक हमला कर दिया। खबर के मुताबिक उन्हें गंभीर स्थिति में अस्पताल दाखिल कराया गया है। घटना की जानकारी होने पर कोतवाली व सीएसईबी चौकी पुलिस मौके पर पहुंची थी।
इस घटना से जहां रेत माफियाओं के प्रति आक्रोश पनपा है वहीं दूसरी ओर मध्य रात्रि में ही कोरबा-बालको मार्ग पर ढेंगुरनाला से अवैधानिक तरीके से रेत निकाल रहे 4 ट्रैक्टरों को पकड़ा गया।
कलेक्टर श्रीमती किरण कौशल के निर्दश पर नायब तहसीलदार पवन कोसमा और पंचराम सलामे ने आधी रात में ही यह त्वरित कार्यवाही की है।
बहरहाल इन दोनों मामलों से इतना तो साफ हो गया है कि कोरबा जिले में रेत माफिया किस कदर प्रशासन पर हावी हैं और तमाम निर्देश कूड़ेदान में डाल रखे हैं। नगर में रेत माफिया दो से तीन गुट में बंटे हुए हैं जिनमें से एक की निकटता खनिज विभाग के एक अधिकारी से काफी घनिष्ट है और अपना काम सांठगांठ से निपटा रहा है। अन्य दो गुट के लोग वर्चस्व कायम करने की लड़ाई में एक-दूसरे को निपटाने में लगे हैं जिससे शहर की शांति को कभी भी खतरा हो सकता है। पुलिस, प्रशासन और खनिज विभाग, उड़नदस्ता दल से निष्पक्ष कार्यवाही की अपेक्षा नगरजन कर रहे हैं। आखिर प्रतिबंध के बाद भी नदियों से रेत निकालने , परिवहन करने की जुर्रत ये लोग कर कैसे रहे हैं, यह यक्ष प्रश्न शुक्रवार-शनिवार की दरम्यानी रात हुए दोनों घटनाक्रम से उपजा जरूर है।














