
कोरबा, (खटपट न्यूज़)। बड़ा अजीब सा लगता है सुनने में कि जब आप स्वयं अपने लोगों के ठगे जाने का कारण बनें और आपको खुद न पता हो कि आपके पीठ पीछे क्या हो रहा है!
जी हां, अभी इस तरह के सायबर अपराध का चलन कोरबा जिले में भी तेज हो गया है जिसने सोशल मीडिया खासकर फेसबुक का उपयोग करने वालों की परेशानी बढ़ा दी है। अनेक ऐसे यूजर भी हैं जो कई-कई दिनों तक अपना ही फेसबुक खोलकर नहीं देखते और पता चलता है कि उनके नाम से कोई और बन्दा बीमारी, दुर्घटना या अन्य कारण बताकर उसके नाम से रुपये ऐंठ गया। कोरबा जिला पुलिस अधीक्षक का भी फर्जी फेसबुक अकाउंट बन गया तो भला सायबर अपराधी से आम आदमी कैसे महफूज रहे।
एस पी अभिषेक मीणा के नाम से यह कारनामा करने वाला अभी पुलिस की पकड़ से दूर ही है कि शहर के और भी नामचीन लोग ठगी का जरिया बन रहे हैं।
पुराना बस स्टैंड में गौरीशंकर मंदिर के पीछे निवासरत चार्टेड एकाउंटेंट नरेश अरोरा के नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बना कर 40 से 50 लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भी एक्सेप्ट करा लिया गया। अज्ञात साइबर अपराधियों ने डॉ. अविनाश तिवारी सहित शहर के एक वरिष्ठतम चिकित्सक व नर्सिंग होम के संचालक के नाम से भी फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर लोगों से 20-20 हजार रुपए की सहायता राशि की मांग शुरू कर दी। इन चिकित्सकों से वास्ता रखने वालों ने जब इसकी जानकारी अपने स्तर पर हासिल की तो फर्जीवाड़ा उजागर हुआ। चिकित्सक के परिचित ब्रम्हणपारा निवासी दुर्गेश शर्मा ने बताया कि उसे डॉक्टर साहब द्वारा 20 हजार की मदद माँगने की बात कुछ जमी नहीं तो उसने चैटिंग कर राज उगलवाने की कोशिश भी की। चिकित्सक के पुत्र को भी यह जानकारी हुई तो पिता का फेसबुक एकाउंट ब्लॉक कर दिया। सतर्कता बरतते हुए अन्य संबंधितों ने भी अपने फेसबुक आईडी ब्लाक कर दिए हैं। इन लोगों ने शहर व जिलावासियों सहित अपने परिचितों से अपील भी की है कि इस तरह के किसी भी झांसे में न आएं और मदद संबंधी जिक्र होने पर खुद ही संपर्क कर ठगने से बचें। समय-समय पर अपने फेसबुक एकॉउंट व अन्य सोशल मीडिया/प्लेटफार्म को चेक भी करते रहने की सजगता जरूरी हो गयी है।
0 एडवांस पेमेंट का झांसा में आकर ठगने से बचा युवा व्यवसायी
हाल ही में मेन रोड के एक स्टेशनरी युवा व्यवसायी के पास किसी अनजान शख्स ने खरीदारी के नाम से एडवांस 5 हजार रुपए भेजने के लिए फोन किया। ट्रायल के तौर पर 5 रुपए व्यवसायी के गूगल-पे एकाउंट में डाला गया। इंडियन आर्मी मशीन लिखे हुए क्यूआर कोड को व्यवसायी के पास भेजा गया लेकिन व्यवसायी को अंदेशा हुआ कि अगर वह लेन-देन करता है तो उसके खाता की रकम गायब हो सकती है और उसने तत्परता दिखाकर खुद को ठगने से बचा लिया।
0 बिना जानकारी खाते से 40 बार में निकाल लिए 1.40 लाख
कुसमुंडा थाना अंतर्गत का निवासी महेन्द्र काठले का 26 वर्षीय पुत्र आशीष कुमार काठले तेलंगाना के वरंगल जिला में एम-टेक की पढ़ाई करता था जो 19 जुलाई को तेलंगाना से अपने घर गेवरा बस्ती आया। उसका एसबीआई कुसमुंडा शाखा में खाता है। कुसमुंडा से उसने एनआईटी वरंगल शाखा में रकम ट्रांसफर कराया था। 21 सितंबर को उसके मोबाइल में एसबीआई के मैसेज आए जिसमें पता चला कि 40 बार में उसके खाते से 1 लाख 40 हजार 113 रुपए 25 पैसे आहरित कर लिए गए हैं। कुसमुंडा पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ धारा 420 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की है।














