
कोरबा/पाली(खटपट न्यूज़)। बीते सोमवार 14 सितंबर को अपने दौरे के दौरान पाली पहुँची कलेक्टर श्रीमती किरण कौशल द्वारा सड़क की हालत को देखकर लोक निर्माण विभाग के अधिकारी एवं ठेकेदार पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए फटकार लगाई गई।
पाली से डूमरकछार के मध्य मुख्य मार्ग में निर्मित बड़े- बड़े गड्ढो को भरने के साथ भारी वाहनों के गुजरने के दौरान उड़ने वाली धूल से लोगों को निजात दिलाने नियमित रूप से सड़क पर पानी का छिड़काव कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए थे। कलेक्टर द्वारा संबंधित अधिकारियों एवं ठेकेदार को अल्टीमेटम भी दिया गया था कि 17 सितंबर के बाद सड़क की स्थिति के कारण किसी भी प्रकार की दुर्घटना होती है तो उसके लिए लोनिवि के साथ ठेकेदार भी जिम्मेदार होंगे तथा दोनों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। इसके अलावा पाली में सड़क के दोनों ओर कराए जा रहे नाली निर्माण के कार्य में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नही किये जाने की बात कहते हुए निर्माण कार्य पर गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने के साथ कार्य शीघ्र पूर्ण कराने उप अभियंता एस.के. पात्रे को सख्त हिदायत दी गयी थी।कलेक्टर के उक्त निर्देश/हिदायत का कोई असर पड़ता नजर नहीं आ रहा। लोनिवि के अधिकारी व ठेकेदार अपनी मनमानी पर उतारु हो सड़क सुधार एवं पानी छिड़काव कार्य को ठेंगा दिखाने लगे हैं जिससे सड़क पर निर्मित गड्ढों के साथ उड़ते धूल का गुबार लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गया है।

इसके अलावा पाली नगर में मुख्य मार्ग के किनारे दोनों ओर कराए जा रहे नाली निर्माण कार्य मे भी ठेकेदार द्वारा उप अभियंता एस के पात्रे के साथ मिलीभगत कर गुणवत्ताहीन कार्य को अंजाम दिया जा रहा है। एक ओर जहाँ नाली का ढ़लाई कार्य हो रहा है वहीं दूसरी ओर ढ़लाई के चंद घँटे बाद ही उसमे दरारें निर्मित हो जा रही है। इससे घटिया निर्माण का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। पूर्व में भी नाली के घटिया कार्य की शिकायत पर कलेक्टर द्वारा लोक निर्माण विभाग के एसडीओ को मौके पर भेजकर निर्माण को तोड़वाया गया था वहीं कार्य मूल्यांकन करने वाले उप अभियंता एस.के. पात्रे को फटकार भी पड़ी थी। कामकाज के इस तौर-तरीक़े से इतना तो साफ है कि जिले की मुखिया का निर्देश इनके लिए जरा भी मायने नही रखता।फिलहाल घटिया व मनमाने कार्य को लेकर स्थानीय नागरिकों में पुनः आक्रोश देखने को मिल रहा है।















