
कोरबा। भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय द्वारा प्रायोजित जन शिक्षण संस्थान, कोरबा में 80वाँ स्वतंत्रता दिवस बड़े ही उत्साह और गरिमामय वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती के तैल्यचित्र पर पुष्प अर्पित करके की गई, जिसने पूरे आयोजन को ज्ञान और विद्या की दिव्य आभा से भर दिया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ मनोवैज्ञानिक कॉउंसलर एवं समाजसेवी श्रीमती नूतन विश्वकर्मा उपस्थित रहीं। उन्होंने संस्थान के निदेशक के साथ मंच साझा किया और उपस्थित हितग्राहियों को संबोधित किया। अपने संबोधन में श्रीमती विश्वकर्मा ने युवाओं और महिलाओं में आत्मविश्वास एवं मानसिक दृढ़ता के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा चलाई जा रही कौशल विकास योजनाएँ न केवल रोज़गार देने का माध्यम हैं, बल्कि आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ने का सशक्त जरिया हैं। संस्थान के निदेशक ने भी हितग्राहियों को संबोधित करते हुए उन्हें स्वतंत्रता आंदोलन के महत्व और वर्तमान समय में देश के विकास में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में हितग्राही और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। इस अवसर पर श्रीमती सावित्री जेना, तृष्या मोहंती, लक्ष्मी चटर्जी, विजयलक्ष्मी महंत, सुनीता राठौर, अंजू बनर्जी, सत्या श्रीवास, प्रिया गवेल, श्री किशोर महंत, नरेंद्र साहू, उमेश, ओमकार गुप्ता, और रुख्मणि यादव सहित सभी कर्मचारियों एवं प्रशिक्षणार्थियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
इस स्वतंत्रता दिवस समारोह ने एक बार फिर साबित कर दिया कि जन शिक्षण संस्थान केवल प्रशिक्षण केंद्र ही नहीं, बल्कि समाज को दिशा देने वाली एक महत्वपूर्ण इकाई है, जहाँ देशभक्ति और व्यावसायिक कौशल का आपसी समन्वय देखने को मिलता है।
















