बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष की पत्रवार्ता

कोरबा (खटपट न्यूज)। छत्तीसगढ़ बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि बच्चों के अधिकारों की रक्षा के साथ-साथ उन सभी मामलों को गंभीरता के साथ देखने की हमारी नीति है जिनमें बच्चों को किसी वजह से अधिकारों की प्रतीक्षा करनी पड़ रही है। ऐसी सभी समस्याओं को दूर करने के लिए आयोग काम करेगा। उन्होंने कहा कि एकल खिडक़ी व्यवस्था इसी इरादे से शुरू की जा रही है।

जिले के प्रवास पर पहुंचीं राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने प्रेस क्लब तिलक भवन में आहूत पत्रवार्ता में कहा कि जहां कहीं भी बच्चों के अधिकारों के हनन के मामले प्रकाश में आएंगे निश्चित तौर पर उनमें एक्शन होगा लेकिन इनोवेशन के साथ। इनोवेशन होगा तो इसमें इमोशन भी होंगे। इस प्रकार से हम पूरी व्यवस्था को बदलने और सकारात्मक रूप से आगे बढऩे की चाह को लेकर काम करने की मानसिकता में है। डॉ. वर्णिका ने कहा कि अलग-अलग कैटेगरी के बच्चों के मसले बाल अधिकार संरक्षण के दायरे में आते हैं। बीते वर्षों में इस पर क्या कुछ काम हुआ इसकी समीक्षा के साथ आगे क्या करना है यह हम तय कर रहे हैं। हमें यह भी देखना है कि तीन श्रेणियों के बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा के साथ संरक्षण और संवर्धन को लेकर भी उचित काम हो। समन्वय बनाकर इसे पूरा करना है। पढ़ाई से दूरी और श्रम से नजदीकी से जुड़े सवाल को लेकर वर्णिका ने बताया कि इस बारे में भी हम जरूर अध्ययन करेंगे। पत्रकारवार्ता में किशोर न्याय बोर्ड के अध्यक्ष मनीष शर्मा भी उपस्थित थे।















