
कोरबा (खटपट न्यूज)। प्रदेश के लोकप्रिय उपमुख्यमंत्री अरुण सॉव के जन्मदिवस की पूर्व संध्या पुलिस परेड ग्राउंड बिलासपुर में आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में कोरबा को गौरवान्वित करते हुए भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) में कार्यरत प्रदेश के सबसे चर्चित युवा हास्य कवि हीरामणी वैष्णव ने देश के नामचीन कवियों के साथ काव्यपाठ कर एक इतिहास रच दिया. स्थानीय जनप्रतिधियों के अनुसार बिलासपुर के इतिहास में यह अब तक का सबसे बड़ा कवि सम्मेलन था जिसमें 25000 से भी अधिक रसिक श्रोताओं की उपस्थिति रही.
गुलाबी ठंड में रात्रि 3.00 बजे तक चले इस ऐतिहासिक कवि सम्मेलन में प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव सिंह, केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू, अनुज शर्मा (विधायक धरसीवां), धरम लाल कौशिक (विधायक बेल्हा), अमर अग्रवाल (विधायक बिलासपुर), सुशांत शुक्ला (विधायक बेलतरा), धर्मजीत सिंह (विधायक तखतपुर), डॉ. राजीव सिंह (भाजपा जिलाध्यक्ष कोरबा), हितानंद अग्रवाल (नेता प्रतिपक्ष, नगर निगम कोरबा) सहित प्रदेश के सभी शीर्षस्थ भाजपा नेताओं की उपस्थिति में ठीक रात 12 बजे जोरों शोरों की आतिशबाजी के साथ स्टेज पर केक काटते हुए सभी कवियों के साथ उपमुख्यमंत्री अरुण सॉव का जन्मदिन मनाया गया. मुंबई से आए हास्य कवि दिनेश बावरा के संचालन तथा प्रख्यात ओज कवि हरिओम पंवार की अध्यक्षता में स्टार कवयित्री अनामिका जैन अम्बर ने मां शारदे के 108 नामों के साथ कवि सम्मेलन का विधिवत शुभारंभ किया और उसके बाद पहले ही क्रम पर हीरामणी वैष्णव ने ताबड़तोड़ पारी खेलते हुए अरुण सॉव के जन्मदिन विशेष पर ये कविता सुनाकर माहौल बना दिया कि “चेहरे पे चाँद और चाँदनी रहे सदा। मूंछों पे ताव भी सनातनी रहे सदा। दे दो दुआएँ जन्मदिन पे आप सब यही, मुस्कान सॉव जी की यूँ बनी रहे सदा।।” और “जनता के ख्वाबों के सदैव संतरी बनें। दिल से जो दिल को लूट लें वो तंत्री बनें। देते हैं जन्मदिन पे बस यही दुआ सनम, अगली दफ़ा अरुण जी मुख्यमंत्री बनें।”
तत्पश्चात हास्य कवि चेतन चर्चित (इंदौर) के चुटीले व्यंग्य, गीतकार स्वयं श्रीवास्तव (उन्नाव) के हृदयस्पर्शी गीत, हास्य कवि शंभू शिखर (दिल्ली) के जबरदस्त हास्य कविताएं, ओज कवि शशिकांत यादव (देवास) के ओजस्वी छंद, अनामिका जैन अम्बर (मेरठ) के राम गीत और श्रृंगारिक मुक्तक से होते हुए हरिओम पंवार (मेरठ) की कालजयी रचनाओं ने कार्यक्रम के अंत तक मुख्यमंत्री सहित हज़ारों हज़ार श्रोताओं की उपस्थिति के साथ श्री सॉव के जन्मोत्सव को सदा-सदा के लिए यादगार बना दिया.














