
कोरबा-पाली। गांव के कुछ दबंगों द्वारा बेजा कब्जा की नीयत से वनभूमि पर लगे हजारों छोटे-बड़े वृक्षों को देखते ही देखते काट दिया। स्थानीय ग्रामीणों ने जब इसका विरोध किया तो अतिक्रमणधारियों द्वारा दबंगई दिखाते हुए डराया-धमकाया गया। ग्रामीणों की मौखिक शिकायत पर मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार ने निरीक्षण व जांच उपरांत डीएफओ को उचित कार्यवाही हेतु जांच प्रतिवेदन भेजने के अलावा प्रतिबंधात्मक कार्यवाही के लिए थाना प्रभारी को भी पत्र लिखा है।
कटघोरा वनमंडल अंतर्गत पाली वनपरिक्षेत्र के अधीन आने वाले ग्राम नोनबिर्रा के आश्रित खल्लारीपारा में स्थित वनभूमि कंपाटमेंट क्रमांक- 597 पर लगे साल, तेंदू, चार, महुआ आदि के लगभग डेढ़ से दो हजार छोटे-छोटे वृक्षों को गाँव के ही अशोक पिता लक्ष्मण, बंशी पिता बुद्धू व लखल सहित एक दो अन्य लोगों द्वारा अतिक्रमण करने की नीयत से दबंगई पूर्वक काट डाला। जब गांव के अन्य ग्रामीणों ने इसका विरोध किया तो दंबंगों ने गाली-गलौज व मारपीट कर ग्रामीणों को डराया-धमकाया।
ग्रामीणों द्वारा मामले की मौखिक शिकायत तहसीलदार से करने पश्चात मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार पाली एमएस राठिया द्वारा निरीक्षण व ग्रामीणों से पूछताछ उपरांत वनभूमि पर लगे हजारों वृक्षों को अवैध कब्जा की नीयत से काटा जाना पाया गया। मामले में नायब तहसीलदार द्वारा जांच कर छोटे-छोटे पेड़ पौधों व वृक्षों को काटे जाने वाले व्यक्तियों पर वन संरक्षण अधिनियम 1980 के तहत उचित कार्यवाही हेतु कटघोरा डीएफओ श्रीमती शमा फारुखी को जांच प्रतिवेदन भेजा गया है साथ ही अतिक्रमणधारियों द्वारा ग्रामीणों को डराए-धमकाए जाने को लेकर परिशांति भंग किये जाने के मामले में भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 107, 116 के तहत प्रतिबंधात्मक कार्यवाही किये जाने हेतु पाली थाना प्रभारी को प्रपत्र जारी किया गया है। काटे गए पेड़-पौधों व वृक्षों को वनरक्षक राजेन्द्र कुमार द्विवेदी व सरपंच प्रेमलाल के सुपुर्द किया गया है।















