
कोरबा-भिलाई बाजार (खटपट न्यूज)। एसईसीएल की गेवरा खदान से लगे गांवों में समस्या कम होने का नाम नहीं ले रही है। ग्रामवासी गेवरा प्रबंधन की उदासीनता से त्रस्त हैं। खदान का विस्तार ग्राम नरईबोध, भिलाई बाजार के नजदीक आ चुका है, ऐसे में खदान के हैवी ब्लास्टिंग से लोगों का जीना दूभर हो गया है। प्रभावित ग्रामवासी अपनी समस्याओं को लेकर खदान में उतरने को मजबूर हैं।
इसी कड़ी में पूर्व में नरईबोध के ग्रामीण पानी, हैवी ब्लास्टिंग, रोजगार की समस्या को लेकर खदान के काम को बंद कराए थे जिसमें एसईसीएल के अधिकारियों ने स्थानीय लोगों को रोजगार मुहैया कराने, पाईप लाइन से खदान के पानी को नरईबोध के तालाब में भरने, नए बोर खोदने, टैंकर से पानी की व्यवस्था करने की बात कही थी। कुछ दिन कुछ घरों में टैंकर कभी-कभार आया तो कभी नहीं आया जिससे लोगों की पानी की समस्या बनी रही। एसईसीएल के रवैए से क्षुब्ध होकर आज रविवार को नरईबोध की महिलाओं सहित सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण गेवरा खदान में उतर कर मिट्टी खनन, कोयला खनन के काम को सुबह 7 बजे से बंद करा दिया।

जब खदान का काम बंद हुआ तो अधिकारी धरना स्थल पहुंचे और लोगों को फिर से आश्वासन दिए कि हैवी ब्लास्टिंग को कम करेंगे। ब्लास्टिंग की तीव्रता को नापेंगे। नरईबोध के पानी के लिए नए टेंडर जारी करने की बात कही गई। रोजगार के लिए 8 जून को सीजीएम कार्यालय में आउटसोर्सिंग कंपनियों, एसईसीएल के अधिकारियों व गांव वालों के बीच बैठक कर स्थानीय लोगों को आउट सोर्सिंग में रोजगार मुहैया करने की बात जीएम माइनिंग अशोक सिंह व सुरेश चौधरी ने लिखित में कही। ग्रामीणों ने इस दौरान अधिकारियों को स्पष्ट किया कि यदि 8 जून को सही पहल नहीं हुई तो 9 जून को पुन: नरईबोध के ग्रामीण गेवरा खदान के काम को पूर्ण रूप से अनिश्चित कालीन तक बंद कराएंगे। इसके पश्चात दोपहर 12 बजे ग्रामवासियों ने खदान क्षेत्र में अपना धरना प्रदर्शन खत्म किया और खदान का काम सुचारू रूप से प्रारंभ हो सका। धरना प्रदर्शन में राकेश पटेल, कोमल दास, रमेश दास, जय कौशिक, दीपक साहू , पप्पू यादव, मन्नू चौहान, रामा बाई, गंगा बाई, अघ्घन बाई, परमिला बाई, रमिला सहित सैकड़ों ग्रामीण शामिल हुए।















