Monday, June 22, 2026
Home कोरबा जिला चिकित्सालय में अव्यवस्थाओं का आलम, अधिकारी खेल रहे टेंडर में

जिला चिकित्सालय में अव्यवस्थाओं का आलम, अधिकारी खेल रहे टेंडर में


चहेते ठेकेदार को लाभ पहुंचाने तोड़-मरोड़ कर अपने हिसाब से जारी कर रहे हैं निविदा

कोरबा (खटपट न्यूज़)। कोरबा का जिला अस्पताल संबद्ध मेडिकल कॉलेज इन दिनों अव्यवस्थाओं को लेकर कुछ ज्यादा ही सुर्खियों में बना हुआ है। पिछले दिनों में यहां कई तरह की घटनाएं हुईं जो व्यवस्थाओं पर सवाल तो उत्पन्न करती रहीं लेकिन इसमें अपेक्षित सुधार लाने की बजाय जिम्मेदार अधिकारी अपना मनमाना खेल कर रहे हैं।
इस तरह का मामला तब उजागर हुआ जब शासकीय मेडिकल कॉलेज संबद्ध इंदिरा गांधी चिकित्सालय में मरीजों की भोजन सेवा के काम के लिए टेंडर जारी किया गया। इस टेंडर को लेकर शर्तें बार-बार चहेते ठेकेदार को लाभ पहुंचाने के मतलब और मंशा से बदली जा रही हैं। इसमें भाग लेने वाली एक संस्था ने बताया कि मरीजों को भोजन के लिए डाईट के नाम से टेंडर निकाला गया है किन्तु चहेते फर्म को लाभ पहुंचाने के लिए इसमें फेरबदल कर डायट्री नाम दे दिया गया। जबकि इस नाम से किसी भी तरह का कोई वर्क ऑर्डर आज तक जारी ही नहीं हुआ है। इतना ही नहीं टेंडर में शामिल होने के लिए जीएसटी प्रमाण पत्र भी जमा करना होता है और आवश्यक निर्धारित शुल्क का भी भुगतान जरूरी है।
जब डायट्री के नाम से शुल्क भुगतान कर जीएसटी प्रमाण पत्र लेने का प्रयास किया गया तो ज्ञात हुआ कि इस नाम से कोई भी चालान जीएसटी में भी जमा नहीं हो सकता क्योंकि यह उसकी सूची में शामिल ही नहीं है। इस तरह जो शब्द जीएसटी और टेंडर की डिक्शनरी में ही नहीं है, उसे जबरन शामिल कर मेडिकल कॉलेज संबद्ध जिला अस्पताल के डीन से लेकर अधीक्षक और अन्य जिम्मेदार अधिकारी भ्रष्टाचार को अंजाम दे रहे हैं। इस संबंध में संबंधित फर्म ने शासन-प्रशासन के उच्च अधिकारियों एवं शासन से शिकायत करते हुए बताया कि जिन दो फर्मों को नियमों से परे जाकर एवं जीएसटी सार्टिफिकेट जमा नहीं करने के बाद भी वर्क ऑर्डर जारी करने का नियम विरुद्ध प्रयास किया जा रहा है, उस पर रोक लगाई जाए। अस्पताल जैसे संवेदनशील संस्था में इस तरह की गड़बड़ी को रोकने हेतु आवश्यक कदम उठाने का भी आग्रह कर ऐसी फर्मों को ब्लेक लिस्टेड करने की भी मांग की गई है जबकि अधिकारियों द्वारा इन्हें एल-1 और कार्यादेश जारी करने की कोशिशों से भ्रष्टाचार सामने आया है। मौजूदा फर्म ने इस प्रकार के अनुचित प्रयास पर रोक लगाते हुए वर्तमान सत्र तक उसके माध्यम से भोजन प्रदाय सेवा जारी रखे जाने की गुजारिश की है।

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