0 कांग्रेस में गई पार्षद ने भाजपा में पल्टी मारी, पति भी लौटे

कोरबा (खटपट न्यूज)। कोरबा जिले की कटघोरा नगर पालिका में कांग्रेस समर्थित अध्यक्ष रतन मित्तल की कुर्सी रहेगी या जाएगी, इस पर 22 दिसंबर को फैसला हो जाएगा। विपक्ष के द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर कलेक्टर सौरभ कुमार के द्वारा 22 दिसंबर को दोपहर 12 बजे मुख्य नगर पालिका परिषद कटघोरा कार्यालय के सभाकक्ष में कार्यवाही विधिवत संपन्न कराई जाएगी। इसके साथ ही कटघोरा पालिका के सियासी गलियारे सहित नगर में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है कि रतन मित्तल अपनी कुर्सी बचा पाएंगे या चली जाएगी?

इन्हीं कयासों के बीच भाजपा की वार्ड 12 से पार्षद शैल बाई आर्मो और उनके पति ने एक बार फिर पल्टी मार दिया है। इसी साल अगस्त के महिने में शैल बाई आर्मो ने भाजपा छोडक़र कांग्रेस ज्वाइन कर लिया और तत्काल प्रभाव से शैल बाई के पति कमलेश्वर भी शामिल हुए और उन्हें कांग्रेस संगठन में पद भी दे दिया गया। तब लगने लगा कि रतन मित्तल का पलड़ा और भारी हो गया है लेकिन आज नाटकीय घटनाक्रम में व सत्ता के साथ चलने के रुख में शामिल होकर शैल बाई और उनके पति फिर से भाजपा में शामिल हो गए। पार्टी पदाधिकारियों एवं पूर्व अध्यक्ष के समक्ष इसका ऐलान किया। इस तरह नगर पालिका कटघोरा में फिर से 7 कांग्रेस, 7 भाजपा और एक निर्दलीय पार्षद की स्थिति बन गई है। वैसे कांग्रेस के एक पार्षद ने विधानसभा चुनाव में भाजपा के लिए काम किया और पुरूषोत्तम कंवर के विरूद्ध माहौल बनाने से नहीं चूके। इस लिहाज से इस पार्षद का वोट रतन के विरूद्ध जाने के आसार है। निर्दलीय को भी सत्ता के पक्ष में देखा जा सकता है। कांग्रेस के पास रतन को मिलाकर कुल 6 पार्षद शेष है और अविश्वास प्रस्ताव को गिरने से बचाने के लिए 6 पार्षदों की आवश्यकता होगी। यदि रतन मित्तल शेष 5 कांग्रेस पार्षदों को डिगने से बचा लिए तो उनकी कुर्सी बच सकती है वरना सत्ता की लहर में कुर्सी हाथ से जाएगी।















