0 सवाल- आखिर क्यों और कैसे भेजा जा रहा ओवरलोड कोयला कि एडजस्टमेंट की नौबत आ रही?
0 रेल मार्ग से आया कोयला सड़क मार्ग से क्यों कोथारी के डिपो ले जाया जा रहा, अतिरिक्त कोयल की वापसी एसईसीएल या रेलवे को क्यों नहीं?

कोरबा(खटपट न्यूज़)। कोरबा जिले के सरगबुंदिया रेल्वे स्टेशन में कोल माफिया द्वारा मिली भगत से कोयला चोरी करने के संबंध में क्षेत्रीय विधायक ननकी राम कंवर ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर शिकायत किया है।
क्षेत्र वासियों के लगातार विरोध का कारण बन रहे अवैध कोल साइडिंग की शिकायत करते हुए श्री कंवर ने लिखा है कि कोरबा जिले के गेवरा खदान से जानबूझकर कोल एड्जेस्टमेंट के नाम पर सरगबुंदिया रेल्वे स्टेशन में कोयला खाली किया जाता है। उसके बाद उसे विभिन्न व्यापारियों के पास बेचा जा रहा है एवं ट्रेलर / हाईवा से इस चोरी किए गए कोयले को अन्यत्र स्थान पर भेजा जा रहा है। इस पूरे कार्य में रेल्वे तथा खनन अधिकारी पूरी तरह मिले हुए हैं। इस कार्य को सरंक्षण प्राप्त है। चोरी रोकने पर ग्रामीणों पर दबाव बनाया जाता है और इसका विरोध करने पर अंजाम भुगतने की धमकी दी जा रही हैं। श्री कंवर ने कहा है कि कोल माफियाओं के इस अवैध कोल परिवहन के कार्य में पुलिस विभाग के अलावा रेल्वे के आला अधिकारी के साथ स्टेशन मास्टर तक की संलिप्तता हैं।
0 बाहरी लोग कर रहे गुंडागर्दी
इस अवैध कोल संचालन के लिए सरगबुंदिया रेल्वे स्टेशन में बाहर के अन्य प्रदेशों (महाराष्ट्र / मध्यप्रदेश) से अपराधिक तत्वों को लाकर गुंडागर्दी करवाया जाता है। धमकाकर कोल परिवहन का संचालन किया जा रहा हैं।
सरगबुंदिया कोल साईडिंग से हाईवा / ट्रेलर बरपाली बस्ती के बीच से गुजरता है। जिसमें चार-पांच विद्यालय, दो बँक, शॉपिंग कॉमप्लेक्स, मार्केट के अलावा गहन आवासीय क्षेत्र हैं। इस मार्ग में हमेशा भीड़ भाड़ रहती है। 2010 में भी कोल माफियाओं द्वारा कोल परिवहन करवाया जा रहा था जिसे मेरे द्वारा किए गए प्रयास से तत्कालीन कलेक्टर द्वारा बंद कराया गया था।
विधायक ननकी राम कंवर ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया है कि उपरोक्त तथ्यों को ध्यान में रखकर संलिप्त अधिकारियों पर त्वरित कार्यवाही करते हुए जनहित में सरगबुंदिया कोल साइडिंग को तत्काल प्रतिबंधित किया जाए।
0 खनिज निरीक्षक ने जांच कर सौंपा है प्रतिवेदन
बता दें कि इस मामले में ग्रामीणों द्वारा पिछले दिनों कलेक्टर सौरभ कुमार से मिलकर शिकायत करते हुए साइडिंग को बंद करने व कोयला परिवहन उक्त मार्गो से प्रतिबंधित करने की मांग की गई थी। कलेक्टर के निर्देश पर खनिज विभाग से निरीक्षक रामखिलावन कुवार्य के द्वारा स्थल निरीक्षण किया गया जिसमें उन्होंने शिकायतों को सही पाया। खनिज निरीक्षक के द्वारा प्रकरण में पंचनामा उपरांत अपना जांच प्रतिवेदन और मंतव्य संबंधित सक्षम अधिकारी को प्रस्तुत कर दिया गया है। उनसे निर्देश मिलने के उपरांत मामले में अग्रिम कार्रवाई संभव हो सकेगी। रेलवे से परिवहन हो रहे कोयला को सरगबुंदिया स्टेशन के पास गिराया जा रहा है और इसका उठाव एवं परिवहन रेल मार्ग से ही होना चाहिए।


इस अवैध कोल संचालन के लिए सरगबुंदिया रेल्वे स्टेशन में बाहर के अन्य प्रदेशों (महाराष्ट्र / मध्यप्रदेश) से अपराधिक तत्वों को लाकर गुंडागर्दी करवाया जाता है। धमकाकर कोल परिवहन का संचालन किया जा रहा हैं।
सरगबुंदिया कोल साईडिंग से हाईवा / ट्रेलर बरपाली बस्ती के बीच से गुजरता है। जिसमें चार-पांच विद्यालय, दो बँक, शॉपिंग कॉमप्लेक्स, मार्केट के अलावा गहन आवासीय क्षेत्र हैं। इस मार्ग में हमेशा भीड़ भाड़ रहती है। 2010 में भी कोल माफियाओं द्वारा कोल परिवहन करवाया जा रहा था जिसे मेरे द्वारा किए गए प्रयास से तत्कालीन कलेक्टर द्वारा बंद कराया गया था।
विधायक ननकी राम कंवर ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया है कि उपरोक्त तथ्यों को ध्यान में रखकर संलिप्त अधिकारियों पर त्वरित कार्यवाही करते हुए जनहित में सरगबुंदिया कोल साइडिंग को तत्काल प्रतिबंधित किया जाए।
0 खनिज निरीक्षक ने जांच कर सौंपा है प्रतिवेदन
बता दें कि इस मामले में ग्रामीणों द्वारा पिछले दिनों कलेक्टर सौरभ कुमार से मिलकर शिकायत करते हुए साइडिंग को बंद करने व कोयला परिवहन उक्त मार्गो से प्रतिबंधित करने की मांग की गई थी। कलेक्टर के निर्देश पर खनिज विभाग से निरीक्षक रामखिलावन कुवार्य के द्वारा स्थल निरीक्षण किया गया जिसमें उन्होंने शिकायतों को सही पाया। खनिज निरीक्षक के द्वारा प्रकरण में पंचनामा उपरांत अपना जांच प्रतिवेदन और मंतव्य संबंधित सक्षम अधिकारी को प्रस्तुत कर दिया गया है। उनसे निर्देश मिलने के उपरांत मामले में अग्रिम कार्रवाई संभव हो सकेगी। रेलवे से परिवहन हो रहे कोयला को सरगबुंदिया स्टेशन के पास गिराया जा रहा है और इसका उठाव एवं परिवहन रेल मार्ग से ही होना चाहिए।















