0 पालिका अध्यक्ष रतन की कुर्सी बचाने जोड़-तोड़ में लगी सेंध

कोरबा(खटपट न्यूज़)। राजनीति में तोड़फोड़ और उठापटक तो लगी रहती है। खासकर जब चुनाव का मौसम चल रहा हो तब एक दूसरे दल में सेंध मार कर पार्टी में प्रवेश कराना कोई नई बात नहीं,लेकिन राजनीतिक तौर पर गच्चा दे देना बड़ी बात हो जाती है, विश्वसनीयता को कमजोर कर देता है। कोरबा जिले की कटघोरा नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष रतन मित्तल के विरुद्ध भाजपा पार्षदों के द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान से पहले उन्हें ऐसा ही राजनीतिक गच्चा मिल गया।
दरअसल पालिका में 15 वार्ड शामिल है। इनमें 7 पर भाजपा, 7 पर कांग्रेस और एक में निर्दलीय पार्षद निर्वाचित हैं। भाजपा के सात पार्षदों ने पालिका अध्यक्ष रतन मित्तल के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव लाया है। इस अविश्वास प्रस्ताव को पारित होने से बचाने की जोड़-तोड़ हो रही है। भाजपा में सेंध मारकर एक पार्षद को अपने खेमे में शामिल करने की बात शुक्रवार को सामने लाई गई।
वार्ड क्रमांक 12 जुराली की भाजपा पार्षद शैल बाई आर्मो ने शुक्रवार को कटघोरा विधायक पुरुषोत्तम कंवर के समक्ष कांग्रेस में प्रवेश किया। कटघोरा शहर कांग्रेस अध्यक्ष राजीव लखन पाल की रणनीति के फलस्वरूप शैल बाई ने कांग्रेस में आने का मन बनाया और उसे लेकर विधायक के निवास पहुंचे। यहां पालिका अध्यक्ष रतन मित्तल, विधायक आदि ने फूल माला और पुष्पगुच्छ भेंट कर शैल बाई को कांग्रेस में शामिल करना प्रचारित किया। इसके साथ ही यह तय हो गया कि रतन मित्तल की कुर्सी अब जाने से बच जाएगी।

दूसरी तरफ अध्यक्ष की यह खुशी शाम होते-होते फीकी पड़ने लगी जब शैल बाई आर्मो ने मीडिया के सामने आकर कहा कि वे भाजपा के प्रति निष्ठावान हैं और उन्होंने कांग्रेस में कोई प्रवेश नहीं किया है। उनके खिलाफ इस प्रकार से दुष्प्रचार कराया जा रहा है और छवि धूमिल करने का काम हो रहा है। वह भागवत कथा के आयोजन में शामिल होने के लिए हरदी बाजार गई थी। भाजपा के पार्षदों के आने पर फूल माला से स्वागत विधायक और अन्य लोगों के द्वारा किया गया पहुंची थी लेकिन कांग्रेस में शामिल नहीं हुई है।
0 स्वागत सत्कार के मायने..?
अब यहां यह भी विचारणीय है कि कथा आयोजन में शामिल होने पहुंची विपक्षी दल के पार्षद का स्वागत सत्कार आखिर विधायक,पालिका अध्यक्ष, कांग्रेस शहर अध्यक्ष व अन्य ने क्यों किया? बात तो यहां पर भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल होने की ही थी लेकिन सही तरीके से फील्डिंग जमा पाने में कहीं न कहीं चूक हुई है और इसी वजह से शाम होते-होते भाजपा पार्षद ने अपना खेमा बरकरार रखा। खैर, अंदर की बात जो भी हो लेकिन इस पूरे घटनाक्रम की चर्चा कटघोरा नगर और राजनीतिक गलियारे में काफी गर्म है।















