0 राजस्व मंत्री ने नि:शुल्क उपचार के लिए मेकाहारा प्रबंधन को लिखा था पत्र
0 मामला कोरबा जिला अस्पताल का, प्रबंधन की लापरवाही सामने आई

कोरबा(खटपट न्यूज़)। जिला अस्पताल प्रबंधन/चिकित्सक की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है, जिसका खामियाजा एक परिवार को भुगतना पड़ा है। राताखार निवासी रामसिया तिवारी की 19 वर्षीय पुत्री ममता तिवारी को सीने व पेट में दर्द की शिकायत पर उपचार के लिए जिला अस्पताल में पिछले दिनों भर्ती कराया गया था। यहां उपचार के दौरान उसे कोई खास लाभ मिलता नहीं दिखा। आर्थिक रूप से कमजोर परिजन ने प्रदेश के राजस्व मंत्री व कोरबा विधायक जयसिंह अग्रवाल से मिलकर गुहार लगाई, जिस पर उन्होंने डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय रायपुर(मेकाहारा) प्रबंधन को ममता तिवारी के नि:शुल्क इलाज हेतु अनुशंसा पत्र लिखा। उक्त अनुशंसा के पश्चात ममता तिवारी के परिजन उसे रेफर कराने के लिए 19 जुलाई से जिला चिकित्सालय के चिकित्सक व प्रबंधन से लगातार गुहार लगाते रहे, ताकि बेहतर इलाज करा सकें लेकिन रेफर नहीं किया गया। अंतत: शुक्रवार को ममता तिवारी की मौत जिला अस्पताल में हो गई। पीड़ित परिजनों का कहना है कि यदि उसे बड़े अस्पताल में अच्छी इलाज की सुविधा मिल जाती तो शायद उनकी बेटी आज जीवित होती। जिला अस्पताल में मौजूद परिजन और शुभचिंतकों ने संबंधित चिकित्सक और रेफर नहीं करने वाले अस्पताल प्रबंधन के विरूद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की है। समाचार लिखे जाने तक जिला अस्पताल में परिजन मौजूद हैं और शव को ले जाने से इनकार कर रहे हैं।
















