Tuesday, March 24, 2026
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सरकारी चना के लिए भटकना होगा कार्डधारकों को,मनचाहे पीडीएस से नहीं मिलेगा

कोरबा(खटपट न्यूज़)। शासकीय उचित मूल्य की दुकानों से सरकारी खाद्यान्न का उठाव करने वाले बीपीएल राशन कार्ड धारकों को अब अपने मूल दुकान की दौड़ लगानी पड़ेगी। कोर पीडीएस का लाभ उन्हें चना के मामले में फिलहाल नहीं मिलेगा। उचित मूल्य दुकानों को चना का अतिरिक्त आबंटन नान के द्वारा प्रदान नहीं किया गया है।
केन्द्र सरकार द्वारा शासकीय उचित मूल्य दुकानों में पारदर्शिता लाने तथा कार्डधारियों खासकर रोजी-मजदूरी के सिलसिले में दूसरे जिलों में जाकर रहने वाले बीपीएल राशन कार्डधारकों की सुविधा के लिए वन नेशन वन राशन कार्ड की योजना प्रारंभ किया है। राज्य सरकार द्वारा कोर पीडीएस सिस्टम लागू किया गया है जिसमें कोई भी कार्डधारक किसी भी जिले के उचित मूल्य दुकान से राशन का उठाव कर सकता है। इससे मजदूर वर्ग के लोगों को काफी राहत मिल रही है और वे जहां कमाने-खाने गए हैं वहीं से चावल, शक्कर, नमक और चना प्राप्त कर लेते हैं। कई कार्डधारक निवास बदलकर भी रह रहे हैं जिन्हें नजदीकी पीडीएस दुकान से ही सभी खाद्यान्न मिल जाता है,मूल दुकान जाने की जरूरत नहीं पड़ती।
इधर वर्तमान में उचित मूल्य दुकानों को उनके दुकान के कोटा अनुसार ही चना का आबंटन नागरिक आपूर्ति निगम के द्वारा प्रदाय किया गया है, अतिरिक्त चना नहीं दिया गया है। ऐसे में जुलाई माह से कार्डधारकों को 2 किलो चना प्राप्त करने के लिए अपने मूल दुकान में ही जाना होगा, क्योंकि उसके कार्ड का आबंटन मूल दुकान को दिया गया है।
0 या तो चना छोड़ें या दौड़ लगाएं
उचित मूल्य दुकान के संचालकों ने बताया कि कोर पीडीएस के तहत कार्डधारक किसी भी दुकान से सभी तरह के राशन का उठाव कर सकता है और इसके लिए संचालक की मांग अनुरूप उसके दुकान के कार्ड संख्या के अतिरिक्त चावल, शक्कर, नमक और चना नान से आबंटन होता आया है। इस बार चना का अतिरिक्त आबंटन नहीं किए जाने के कारण दूसरी दुकानों में जाने वाले कार्डधारकों को चना छोडक़र सभी राशन मिलेंगे। इस तरह की नई व्यवस्था से राशन कार्डधारकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। खासकर जो लोग अपने मूल निवास से दीगर क्षेत्र व जिला में काम करने गए हैं, उन्हें चना से वंचित रहना पड़ सकता है। जून माह में चना का आबंटन पीडीएस को नहीं किया गया और पिछले माह के बचत चना कार्डधारियों को बांटा जा रहा है। इधर जहां दुकानों को अतिरिक्त चना का आबंटन नहीं हुआ है वहीं कुछ ऐसे भी दुकान हैं जहां रेगुलर कोटे का भी चना नान से प्राप्त नहीं हुआ। ऐसे पीडीएस के कार्डधारकों को जुलाई माह में चना मिलना संभव नहीं दिख रहा।
0 पीडीएस संचालकों को भी नुकसान
शासकीय उचित मूल्य दुकान संचालकों के जिलाध्यक्ष विनोद मोदी ने बताया कि चना का अतिरिक्त आबंटन प्रदाय नहीं किए जाने से कार्डधारकों को तो असुविधा होगी ही, साथ ही साथ दुकान संचालकों को भी नुकसान होगा। अभी एक दुकान में 500 राशन कार्ड की व्यवस्था दी गई है जो कि इससे पहले 1000-1200 तक थी। राशन कार्ड की संख्या कम कर दी गई है और वार्ड में 2 से 3 अतिरिक्त दुकानें खोली गई है। सुविधा अनुसार कार्डधारक निकटवर्ती दुकान से खाद्यान्न लेता आया है जिससे संख्या बढऩे के कारण संचालकों को ठीक-ठाक कमीशन भी मिलती रही। अब कार्डधारक सिर्फ चावल, शक्कर और नमक लेने के लिए दूसरी दुकान नहीं आएगा बल्कि मूल दुकान में चना भी प्राप्त करेगा तो कमीशन भी प्रभावित होगा। एक किलो चना के एवज में 1 रुपए और 1 क्विंटल चावल वितरण के एवज में राज्य व केन्द्र सरकार का अंशदान मिलाकर औसतन 50 रुपए कमीशन की राशि प्राप्त होती है। इसी राशि से दुकान और कर्मचारी का खर्च निकालते हुए संचालक अपना भी भरण-पोषण करता है। व्यवस्था बदलाव से व्यवहारिक दिक्कत होगी।
0 ऊपर से आदेश आया है,लेकिन कॉपी नहीं है
नागरिक आपूर्ति निगम की जिला प्रबंधक हेलिना तिग्गा के द्वारा मिलने गए पीडीएस संचालकों को बताया गया कि जिन जिलों में गुड़ का वितरण होता था वहां गुड़ बंद कर दिया गया है और आदिवासी जिलों में चना के अतिरिक्त आबंटन पर रोक लगाई गई है। इस संबंध में ऊपर से आदेश जारी किया गया है लेकिन वे आदेश की कापी दिखा नहीं सकीं। इस बारे में हमारे द्वारा फोन से संपर्क करने पर कहीं बैठे होने का हवाला देकर फोन काट दिया।

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