कोरबा(खटपट न्यूज़)। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के द्वारा अपनी मांगों के संबंध में महापौर राजकिशोर प्रसाद को ज्ञापन सौंपा गया।

जारी प्रेस विज्ञप्ति में फेडरेशन की तरफ से बताया गया है कि निम्नलिखित मांगों के संबंध में राज्य शासन को समय-समय पर ज्ञापन देकर निराकरण हेतु अनुरोध किया जाता रहा है। फेडरेशन कई चरणों में आंदोलन कर शासन प्रशासन को जिला कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन भी सौंपा जा चुका है । खेद सहित लेख है कि निराकरण हेतु त्वरित कार्यवाही नहीं होने के कारण प्रदेश के कर्मचारी अधिकारी आक्रोशित हैं। उल्लेखनीय है कि फेडरेशन 14 सूत्री मांगों को लेकर 3 सितंबर 2021 का प्रदेश बंद कराया था ।उक्त आंदोलन को संज्ञान में लेते हुए माननीय मुख्यमंत्री द्वारा समय सीमा तय करते हुए पिंगुआ कमेटी गठित की गई है। लेकिन उक्त कमेटी द्वारा आज दिनांक तक सरकार को रिपोर्ट नहीं सौंपी गई है। जिसके कारण कर्मचारी जगत व्यथित है। लेख है कि फेडरेशन वर्ष 2022 में अपने मौलिक अधिकार महंगाई भत्ता, सातवें वेतनमान अनुसार गृह भाड़ा भत्ता एवं डी ए एरियर्ष के लिए निश्चित कालीन एवम् ऐतिहासिक अनिश्चितकालीन आंदोलन भी कर चुका है। प्रदेश के वरिष्ठ मंत्री श्री रविंद्र चौबे जी एवम् फेडरेशन के प्रतिनिधियों के साथ 2 सितंबर 2022 को मीडिया के समक्ष हुए सशर्त समझौते अनुसार पूर्ण आदेश जारी किया जाना था , किंतु आंशिक आदेश जारी होने से सरकार के प्रति कर्मचारियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। लेख है कि 26 फरवरी 2023 को छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के आयोजित हुए बैठक में शासन के उपेक्षा पूर्ण रवैया के लोकतांत्रिक विरोध एवं मांगों के निराकरण हेतु शासन का ध्यान आकृष्ट करने के लिए चरणबद्ध “आश्वासन नहीं समाधान” आंदोलन करने का निर्णय लिया गया था ।जिसके तहत प्रथम चरण में दिनांक 3 मार्च 2023 को जिला/ ब्लाक/ तहसील स्तरीय रैली निकालकर प्रदर्शन एवं द्वितीय चरण में दिनांक 18 मार्च 2023 को रायपुर में प्रांत स्तरीय जंगी प्रदर्शन किया गया। हमारी मुख्य मांगे निम्नानुसार है :
(1) लिपिक संवर्ग के वेतन विसंगति का निराकरण साथ ही सहायक शिक्षक एवं समस्त एलबी संवर्ग की पूर्व सेवा की गणना वेतन विसंगति एवं समस्त लाभ शिक्षा विभाग संवर्ग ,स्वास्थ्य विभाग संवर्ग, महिला बाल विकास विभाग, पशुपालन सहित अन्य कर्मचारी संवर्ग का वेतन विसंगति सहित 14 सूत्री मांगों के लिए दिनांक 17 सितंबर 2021 को गठित पिंगुआ कमेटी की रिपोर्ट सरकार को तत्काल सौंपी जाए।
(2) प्रदेश के कर्मचारियों एवं पेंशनरों को लंबित 9% महंगाई भत्ता एवं सातवें वेतनमान अनुसार गृह भाड़ा भत्ता स्वीकृति आदेश जारी किया जाए।
(3) जन घोषणा पत्र में उल्लेखित चार स्तरीय पदोन्नत वेतनमान स्वीकृति आदेश जारी किया जाए । साथ ही घोषणा पत्र में उल्लेखित अन्य मांगों को शीघ्र पूरा किया जावे।
(4) प्रदेश के विभिन्न कर्मचारी संगठनों द्वारा समय-समय पर अपनी मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से शासन के समक्ष रखने के लिए रायपुर नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत पंडरी पुराना बस स्टैंड रायपुर को धरना स्थल घोषित किया जाए।
छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन से संबद्ध विभिन्न मान्यता एवं गैर मान्यता प्राप्त संगठनों की बैठक दिनांक 17 मई 2023 को शिक्षक सदन घंटाघर कोरबा में आयोजित कर सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पारित किया गया की माननीय मुख्यमंत्री जी के संज्ञान में उपरोक्त मांगों के समाधान के लिए माननीय जन प्रतिनिधियों के माध्यम से ज्ञापन सौंपा जावे।इस कड़ी में आज दिनांक 23 मई को माननीय महापौर राज किशोर प्रसाद जी एवम् सभापति श्याम सुंदर सोनी जी को छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन कोरबा के द्वारा ज्ञापन सौंपा गया।
इस अवसर पर संयोजक श्री के आर डहरिया जी ,महासचिव श्री तरुण राठौर जी, संरक्षक श्री प्यारे लाल चौधरी जी, संरक्षक श्री सुरेश कुमार द्विवेदी जी, कार्यकारी संयोजक श्री जेपी खरे जी, उपाध्यक्ष श्री टी आर कुर्रे जी, सचिव श्री आर डी केसकर जी आदि भारी संख्या में कर्मचारी अधिकारी उपस्थित थे।
भवदीय
तरुण सिंह राठौर
महासचिव















