0 भतखऊआ और जीतू को उम्रकैद की सजा,SI चन्द्रवंशी की मजबूत विवेचना बनी आधार

कोरबा(खटपट न्यूज़)। शराब पीकर वाहन चलाते समय पकड़े जाने पर जब ट्रैफिक पुलिस ने मोटरसाइकिल जप्त कर लिया तो दूसरी बाइक की तलाश में दो लोगों ने मिलकर बाइक की लूट और बाइक चालक की हत्या को अंजाम दे डाला। आदतन बदमाशों मनोज यादव उर्फ भतखउहा तथा जीतू टंडन को आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया गया है। तत्कालीन मानिकपुर चौकी प्रभारी एसआई राजेश चन्द्रवंशी की मजबूत विवेचना दोषियों को सजा का आधार बनी।
मामला करीब साढ़े 3 वर्ष पूर्व दादर शराब भट्टी के पास का है जहाँ इंजीनियर प्रदीप भगत की हत्या और लूट को अंजाम दिया गया था। 30 अप्रैल 2019 की रात प्रदीप कुमार भगत पिता धीरू राम भगत निवासी दादर खुर्द की हत्या की गई थी। मृतक प्रदीप कुमार इंजीनियर था जो प्राइवेट नौकरी करता था। वह अपने भाई अशोक भगत की शादी का निमंत्रण देने कार्ड लेकर मोटरसाइकिल सीजी 12एएम 3998 से निकला था। घटनास्थल से मृतक का मोटर साइकिल, मोबाइल और पर्स नहीं मिलने तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर तत्कालीन मानिकपुर चौकी प्रभारी एसआई राजेश चंद्रवंशी ने विवेचना को आगे बढ़ाया।
टीम गठित कर जांच में पता चला कि मृतक प्रदीप की मोटरसाइकिल से 1 मई 2019 आरोपी मनोज यादव उर्फ भतखउहा ने एक्सीडेंट किया था जिसे मानिकपुर चौकी में जप्त किया गया और घायल मनोज को इलाज हेतु जिला अस्पताल में भर्ती किया गया था, जहां से वह भाग गया। पुलिस को चकमा देने के लिए गलत नाम मनीष यादव बताया था।

फरार मनोज यादव को गिरफ्तार कर पूछताछ में ज्ञात हुआ कि साथी जीतू टंडन निवासी सिंचाई कॉलोनी रामपुर के साथ मिलकर दादर भट्टी शराब पीने गया था। ट्रैफिक पुलिस द्वारा शराब पीकर वाहन चलाने पर मोटरसाइकिल जप्त कर लिया गया। इसके बाद दोनों ने किसी का मोटरसाइकिल लूटने की योजना बनाई और प्रदीप भगत से घातक मारपीट कर मोटरसाइकिल छीनकर भाग गए। उसी दिन दोनों चांपा गए लेकिन दूसरे दिन जीतू को छोड़कर मनोज कोरबा आया और मुड़ापार कालीबाड़ी के पास एक्सीडेंट कर दिया। इस मामले में मृतक प्रदीप की मोटरसायकल चौकी में जप्त हुई थी। मनोज को जेल भेजा गया। लुकछिप कर रह रहे जीतू टंडन को 28 मई 2019 को गिरफ्तार कर मृतक प्रदीप का मोबाइल जप्त किया गया। आरोपियों के विरुद्ध धारा 397,302,34 भादवि कायम कर तत्कालीन चौकी प्रभारी उप निरीक्षक राजेश चंद्रवंशी ने चालान न्यायालय में पेश किया।अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुश्री संघपुष्पा भतपहरी ने दोनों आरोपियों को धारा 397 में 10 वर्ष का सश्रम कारावास तथा धारा 302 में आजीवन सश्रम कारावास तथा एक-एक हजार रुपए का अर्थदंड से दंडित किया है। मामले में शासन की ओर से सहायक लोक अभियोजक कौशल श्रीवास द्वारा पैरवी की गई।















