
कोरबा(खटपट न्यूज़)। पश्चिमी क्षेत्र के पालतू सुअर अब जंगली बन चुके हैं। इनके बड़े-बड़े दांत निकल आये हैं। राखड़ बांध के जंगलों में निवासरत ये सुअर रात के अंधेरे में बड़ी संख्या में फसलों पर आक्रमण करते हैं। लगातार इनकी संख्या बढ़ती जा रही है। ये सुअर खेतों में लगी धान, आलू, मूंगफली, सब्जियों की फसल को बर्बाद कर देते हैं।

किसानों ने बताया कि इनके लिए नेट (जाली) और बांस से रुंधायी काम नही आती बल्कि इसे तोड़कर खेत में घुस जाते हैं। किसानों की मानें तो झटका मशीन इन्हें रोकने में कारगर हो सकता है ।
बताया जा रहा है कि सीएसईबी, एनटीपीसी,बीसीपीपी का राखड़ डेम के आसपास का जंगल इनका रहवास का क्षेत्र। डंगनिया खार, बलगी खार, कोहड़िया, चारपारा, केंदईखार प्रमुख रूप से सुअर प्रभावित क्षेत्र हैं। इन क्षेत्रों के किसान अब खेती करने से डर रहे हैं। इन्हें शासन-प्रशासन और वन विभाग से मदद की उम्मीद है। प्रभावित किसान प्रशासन से सहयोग की आशा लेकर चल रहे हैं। डर के मारे इन्होंने खेती करना छोड़ने का मन बनाना शुरू कर दिया तो कोई बड़ी बात नहीं होगी। ऐसा हुआ तो बड़ी संख्या में किसान रोजगार से वंचित हो जाएंगे।














