0 मनरेगा के तालाब को राखड़ से पाटने के मामले में अधिकारी मौन
0 छत्तीसगढ़ वित्त आयोग के पूर्व अध्यक्ष ने थाना में की शिकायत
कोरबा(खटपट न्यूज़)। मनरेगा योजना अंतर्गत खोदे गए बरीडीह के तालाब को राखड़ से पाट कर आपराधिक कृत्य करने वाले संबंधित जनप्रतिनिधियों से लेकर अधिकारी और ठेकेदार पर आज पर्यन्त कार्यवाही नहीं की जा रही है। इस पूरे मामले की फाइल जांच के बाद दबाकर जिम्मेदार अधिकारी बैठ गए हैं। इनकी वजह से पुलिस और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। क्षेत्र के कांग्रेस और भाजपा नेता भी मौन हैं इस मामले में जो कि कहीं न कहीं तालाब के दोषियों को संरक्षण देना व्यक्त कर रहा है।

बता दें कि कोरबा जनपद पंचायत के अंतर्गत ग्राम पंचायत बरीडीह में मनरेगा से निर्मित लगभग 13 लाख के तालाब को पाट कर शासन की धनराशि को जहां क्षति पहुंचाई गई वहीं सुप्रीम कोर्ट के निर्देश को भी ताक पर रखकर तालाब के अस्तित्व को ही समाप्त कर दिया गया है। इतना ही नहीं मामले की जांच के दौरान राखड़ के ऊपर लगातार मिट्टी पाटी जाती रही और कुछ दिन बाद यहां के शिलालेख को भी तोड़-फोड़कर फेंक दिया गया। क्षेत्रीय विधायक ननकीराम कंवर से लेकर स्थानीय जिला, जनपद के प्रतिनिधि भी इस गंभीर मामले में खामोश है तो वहीं छत्तीसगढ़ वित्त आयोग के पूर्व अध्यक्ष वीरेन्द्र पाण्डेय ने उरगा थाना प्रभारी को आवेदन देकर अपराध दर्ज करने का आग्रह किया है।
0 षड़यंत्र और आपराधिक कृत्य के बाद भी बेख़ौफ़
वीरेन्द्र पाण्डेय ने कहा है कि ग्राम पंचायत बरीडीह के सरपंच एवं सचिव ने षड्यंत्र पूर्वक मनरेगा के तालाब को राखड़ से पाटने हेतु ग्राम पंचायत से प्रस्ताव पारित करवाकर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कोरबा के समक्ष आवेदन पत्र प्रस्तुत किया। एसडीएम ने क्षेत्रीय अधिकारी पर्यावरण संरक्षण मण्डल के साथ साठगांठ कर तालाब को गढ्ढा बताकर राखड़ से पाटने की अनुमति प्रदान कर दी। इन्होंने आगे षड्यंत्र करते हुए परिवहनकर्ता ठेकेदार एवं राखड़ उपलब्ध कराने वाले संयत्र प्रबंधन के अधिकारियों के साथ मिलकर राखड़ भेज कर उस तालाब को पाटने में सहयोग किया। तालाब जो मनरेगा योजना अंतर्गत है। उसे राखड़ से पाटकर बन्द कर देना आपराधिक कृत्य है। इस तालाब का गहरीकरण वर्ष 2016-17 में मनरेगा योजना के अंतर्गत 12.82 लाख रूपये की लागत से कार्य कराया गया। 12 लाख 81 हजार 7 सौ रूपये की स्वीकृति के साथ 30 दिसम्बर 2016 को आदेश जारी हुआ। 23 जनवरी 2019 को कार्य प्रारंभ होकर 29 जून 2019 को कार्य पूर्ण हुआ जिसमें श्रमिक लागत 12 लाख 57 हजार 410 रूपये आयी इस तालाब का क्षेत्रफल लगभग 7000 वर्गमीटर बताया जाता है।
0 इन लोगों पर एफआईआर दर्ज हो एफआईआर

तालाबों के संरक्षण एवं रख रखाव पर उच्च न्यायालय एवं उच्चतम न्यायालय ने समय-समय पर निर्णय देकर कहा है कि किसी भी हालत में तालाब का अस्तित्व समाप्त नहीं किया जा सकता एवं किसी भी परिस्थिति में तालाब का रकबा भी कम नहीं किया जा सकता। श्री पाण्डेय ने कहा है कि ग्राम पंचायत बरीडीह में सरपंच कृपाल सिंह, सचिव गजराज सिंह, तत्कालीन अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सुनील कुमार नायक, क्षेत्रीय अधिकारी पर्यावरण संरक्षण मण्डल अंकुर साहू, राखड़ परिवहनकर्ता ठेकेदार एवं राखड़ उपलब्ध कराने वाले संयंत्र प्रबंधन के अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर नियमानुसार कार्यवाही की जाए।















