पोषण ट्रैकर: मोबाइल,रिचार्ज,नेटवर्क का करें समाधान


0 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संयुक्त मंच ने सौंपा मांग पत्र

कोरबा(खटपट न्यूज़)। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संयुक्त मंच, छत्तीसगढ़ ने राज्य के मुख्य सचिव, महिला एवं बाल विकास विभाग के सचिव को ज्ञापन सौंपकर पोषण ट्रेकर एप्प में एंट्री से जुड़ी समस्याओं से अवगत कराया है। निजी मोबाईल में पोषण ट्रैकर एप्प डाउनलोड करने में आने वाली समस्या का निराकरण हेतु आग्रह किया गया है।


कोरबा जिले में मंच ने एडीएम विजेंद्र पाटले, कोरबा एसडीएम, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास गजेंद्र देव सिंह व अन्य को भी ज्ञापन सौंपा है।
मंच ने ध्यानाकर्षण कराया है कि महिला बाल विकास द्वारा पोषण अभियान अतंर्गत सभी गतिविधियों को पोषण ट्रेकर एप्प का डाउनलोड निजी मोबाईल में कराया गया है। निजी मोबाइल में इसे डाउनलोड करने से समस्या आ सकती है जिसका निराकरण जरूरी है। शासन द्वारा इस कार्य हेतु न कोई मोबाईल प्रदाय किया गया है और न ही कोई नेट चार्ज प्रदाय किया है जबकि इस विषय पर संघ द्वारा लगातार एक वर्ष से विभाग का ध्यानाकर्षण किया जा रहा है। यदि विभाग वास्तव में कार्य लेना चाहती है तो आज तक मोबाइल और नेट चार्ज प्रदाय कर देती और काम भी सुचारू रूप से शुरू हो जाता। जब तक मोबाईल और नेट चार्ज प्रदाय नहीं किया जाता है तब तक मोबाईल में कोई भी कार्य हेतु दबाव ना दिया जाये। इस हेतु निर्देशित करने करेंगे।
0निजी मोबाईल में एप्प डाउनलोड करने लिखित आदेश दें

मंच द्वारा कहा गया है कि महिला एवं बाल विकास विभाग में अधिकांश कार्य मौखिक निर्देश से कराया जाता है। पोषण ट्रेकर एप्प का डाउनलोड हेतु कार्यकर्ताओं को निजी मोबाइल लेकर आने और डाउनलोड करने हेतु दबाव दिया जा रहा है। इस संबंध में यह उल्लेख करना आवश्यक है कि शासकीय डाटा जब हम अपने मोबाइल आईडी में डाउनलोड करते हैं और किसी प्रकार से कोई गड़बड़ी हो गई क्योंकि हमारा मोबाईल हमारे बच्चे, परिवार केअन्य लोगों द्वारा भी उपयोग किया जाता है, ऐसी स्थिति में समय पर मोबाइल उपलब्ध हो पाना भी मुश्किल है। संघ ने कहा है कि किसी प्रकार के सायबर गड़बड़ी से सुरक्षा के दृष्टिकोण से विभाग की ओर से निजी मोबाईल में पोषण ट्रैकर एप्प डाउनलोड करने हेतु लिखित में आदेश प्रदान कराने किया जाय। यह भी बताया गया कि दुरस्थ वनांचल के कई गांवों में नेट उपलब्ध नहीं हो पाता है व कई कार्यकर्ताओं के पास एंड्राइड मोबाइल नहीं है। कई को अंग्रेजी नहीं आती। ऐसी स्थिति में प्रतिदिन हितग्राहियों की जानकारी मोबाइल से भेजा जाना संभव नहीं हो पा रहा है । शासन-प्रशासन से आग्रह किया गया है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की व्यवहारिक उक्त समस्याओं को ध्यान में रखते हुये विभाग की ओर से जब तक मोबाईल, नेट चार्ज / नेट की सुविधा उपलब्ध नहीं कराई जाती है तब तक मोबाईल पर कार्य ना लिया जाये और नीचे स्तर से जो दबाव दिया जा रहा है, उस पर रोक लगाई जाये। हम शासन के सभी कार्य कर रहे हैं और हम यह कार्य भी करेंगे लेकिन इस कार्य के लिए जो भी संसाधन, सुविधा की आवश्यकता है उसे शासन की ओर से जितना जल्दी उपलब्ध करा दिया जाता है, उतना जल्दी कार्य प्रारम्भ करने को तैयार हैं। इस सबंध में सहयोग प्रदान करने का आग्रह किया गया है।
0 आ रही है तकनीकी दिक्कत
संघ की जिला पदाधिकारियों ने बताया कि पोषण ट्रैकर एप में एंट्री करने पर कई तरह की दिक्कतें आ रही हैं। हितग्राहियों का आधार नंबर एंट्री करने के बाद भी वह सत्यापित(verifay) नहीं बता रहा है जबकि जानकारियां पूरी-पूरी सही भरी जा रही है। असत्यापित बताए जा रहे आधार कार्डों का फिर से सत्यापन किया जा रहा है लेकिन तकनीकी कारणों से काफी परेशानी हो रही है। नेटवर्क की समस्या को भी नजरअंदाज किया जा रहा है और बार-बार कार्यवाही की चेतावनी से मानसिक तनाव बढ़ रहा है। समय पर एंट्री नहीं होने पर कार्यवाही की चेतावनी दी जा रही है जबकि तकनीकी समस्या का कोई भी कारण स्थानीय से लेकर ऊपर के लोग नहीं मान रहे हैं।
0 मानदेय आधा-अधूरा, ऊपर से रिचार्ज का खर्च
कार्यकर्ताओं ने बताया कि अभी कई महीने से मानदेय आधा-अधूरा दिया जा रहा है जिसकी वजह से ऐसी कार्यकर्ताएं जो जीवन-यापन के लिए सिर्फ अपने मानदेय पर निर्भर हैं,उन्हें आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मानदेय की राशि से इस बढ़ती महंगाई में वह अपने घर का खर्च तो बड़ी मुश्किल से चलाती आ रही हैं लेकिन अब रिचार्ज करने का भी खर्च बढ़ गया है। पोषण ट्रैकर एप में हर दिन की एंट्री जरूरी है। इसके अलावा निर्देशानुसार अपडेशन सहित अन्य कार्य भी ऑनलाइन किए जाने हैं जिसके लिए जरूरी है कि मोबाइल में नेट हर वक्त मौजूद रहे किन्तु इसके लिए कोई अतिरिक्त राशि/रिचार्ज की व्यवस्था नहीं है जिससे कार्यकर्ताओं की आर्थिक परेशानी बढ़ी है।

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