Saturday, March 28, 2026
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कोरबा:यहां स्वर्ग से आकर लिया सरकारी राशन!मृत ग्रामीणों के नाम गबन जारी….

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0 छह माह दबी रही शिकायत, अब जाकर हुई जांच में लीपापोती का आरोप
कोरबा-पाली(खटपट न्यूज़)। कोरबा जिले के पाली विकासखंड के ग्राम पंचायत निरधी की शासकीय उचित मूल्य दुकान की संचालिका पर मृत ग्रामीणों के नाम का राशन उठाव कराकर गबन करने की शिकायत हुई है। शिकायत पर हुई जांच में लीपापोती का आरोप लगने लगा है।

जानकारी के मुताबिक ग्राम पंचायत निरधी के शासकीय उचित मूल्य दुकान का संचालन सरपंच श्रीमती रानू जगत द्वारा किया जा रहा है। इन पर आरोप है कि दो मृत व्यक्ति स्व. जवाहर केंवट व स्व. सुकुमार केंवट जिनका निधन क्रमश: 22.12.2020 व 08.02.2021 को हो गया है, उनके राशन कार्ड का चावल, शक्कर, चना, नमक को गबन किया गया है। इसकी शिकायत संतोष कुमार निषाद ने जनपद पाली के खाद्य अधिकारी/निरीक्षक, पाली एसडीएम से विगत वर्ष 6 अक्टूबर 2021 को किया। शिकायत को पहले तो दबा दिया गया और पुन: इसकी शिकायत पाली एसडीएम से की गई, तब जाकर जांच हुई। शिकायतकर्ता ने पीडीएस संचालक सरपंच पर गंभीर आरोप लगाते हुए कार्यवाही एवं पदमुक्त करने की मांग की है। मामले की जांच को लेकर शिकायतकर्ता संतोष कुमार ने लीपापोती का आरोप लगाते हुए कहा है कि खाद्य निरीक्षक संतोष कुमार लांझी ने जांच के दौरान न तो उसे किसी प्रकार की सूचना दी और न ही जांच में शामिल किया। गौरतलब है कि इससे पहले पाली ब्लाक के ही ग्राम पंचायत शिवपुर और करतला ब्लॉक के ग्राम साजापानी में भी मृतकों के नाम सरकारी राशन का उठाव कर गबन करने के मामले सामने आ चुके हैं। जिले में इस तरह के मामले लगातार सामने आ रहे हैं जो कि खाद्य विभाग के निरीक्षकों की निगरानी पर सवाल उठाते हैं।

0 कोरोना संकट के समय पुत्रों ने लिया राशन,बताया जांचकर्ता ने
इस मामले में खाद्य निरीक्षक सुरेन्द्र कुमार लांझी के द्वारा 20 अप्रैल को जांच प्रतिवेदन एसडीएम को सौंपा गया। जांच में पाया गया कि जवाहर केंवट की मृत्यु उपरांत पुत्र रामस्वरूप केंवट के द्वारा तथा सुकुमार केंवट की मृत्यु उपरांत पुत्र मनोज कुमार के द्वारा कोरोना संकट के समय आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण मांग किए जाने पर रामस्वरूप को जनवरी से मई एवं जुलाई 2021 तथा मनोज को मार्च से मई एवं जुलाई 2021 का राशन सरपंच द्वारा प्रदाय किया गया। वर्तमान में दोनों मृतकों के राशन कार्ड विलोपित हो चुके हैं और राशन उठाव के संबंध में मृतकों के परिजन द्वारा राशन उठाव करना स्वीकार किए जाने से गबन की शिकायत को निराधार बताया गया है।
0एकल सदस्यीय कार्ड में आखिर कैसे हुआ उठाव, बेटों की भी अलग बयानबाजी
इस मामले में खाद्य निरीक्षक की जांच पर मृतकों के पुत्रों व शिकायतकर्ता ने आश्चर्य जताया है। मृतक जवाहर के दो पुत्र हैं और इन दोनों के बयान अलग-अलग बताए जा रहे हैं। बड़े बेटे लीलाराम का कहना है कि उसने कोई भी राशन उठाव नहीं किया है वहीं छोटे बेटे रामस्वरूप से जब बड़े बेटे ने जानकारी ली तो उसका कहना था कि उसने भी राशन नहीं दिया है लेकिन कुछ लोग उसके पास आए थे और राशन लिया है लिखकर देने के लिए कहा तो लिख दिया। शिकायतकर्ता के मुताबिक दोनों मृतकों के राशन कार्ड अन्नपूर्णा योजना के थे और एकल कार्डधारी होने के कारण दूसरे किसी सदस्य का नाम नहीं होने पर भी आखिर राशन का उठाव आखिर कैसे कर दिया गया? जबकि राशन उठाव के लिए प्रत्यक्ष उपस्थिति और अंगूठा या उंगलियों का प्रिंट जरूरी होता है। दूसरी ओर मृतक सुकुमार केंवट का पुत्र इस मामले में कुछ भी कहने से बच रहा है जिस पर आशंका है कि वह किसी न किसी दबाव में है।

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