
कोरबा(खटपट न्यूज़)। रमजान का पाक महीना के 30वां रोजा के बाद आज मुस्लिम धर्मावलंबियों ने ईद-उल-फितर का त्यौहार अकीदत के साथ मनाया। कोरोना संक्रमण के कारण दो वर्ष से हर त्यौहार का रंग व जश्न फीका रहा जिसमें ईद भी शामिल था। संक्रमण का दौर थमने के बाद इस साल ईद परंपरागत हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया। जिले के तमाम ईदगाहों और मस्जिदों में नमाज अता करने के बाद मुबारकों का सिलसिला शुरू हुआ। घरों-घर सेवईयों से मुंह मीठा करा कर बधाई दी गई, बच्चे,युवा, बुजुर्ग सभी एक-दूसरे के गले मिले। कोरबा की जामा मस्जिद सहित अन्य मस्जिदों व ईदगाहों में तय समय पर ईद की नमाज अता की गई।

इसी कड़ी में मरकजी ईदगाह कब्रस्तान कमेटी के द्वारा ईद-उल- फितर की नमाज बाद ईद की खुशी मनाई गई। पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने में ईदगाह कब्रिस्तान कमेटी के सदर सोहेल अहमद, सेक्रेटरी, खजांची और उनकी पूरी टीम के द्वारा सहयोग किया गया जिसमें गुलाम शेखानी, साबिर खान, आबिद अली, शाहिद खान, आफताब भाई, साहिल, जासिद, अलसमत, शहनावज आलम, मुनीर सिद्दीकी, अबरार तौसीफ आदि शामिल रहे। सभी इबादतगाहों में बधाई देने के लिए जनप्रतिनिधियों ने भी अपनी दस्तक दी। कोरबा प्रवास पर आए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने भी बधाई दी है।

0 इसलिए मनाई जाती है यह ईद
जानकारों के अनुसार मक्का से मोहम्मद पैगंबर के प्रवास के बाद पवित्र शहर मदीना में ईद-उल-फितर का उत्सव शुरू हुआ। माना जाता है कि पैगम्बर हजरत मुहम्मद ने बद्र की लड़ाई में जीत हासिल की थी। इस जीत की खुशी में सबका मुंह मीठा करवाया गया था, इसी दिन को मीठी ईद या ईद-उल-फितर के रुप में मनाया जाता है।
















