कोरबा(खटपट न्यूज़)। कोरबा जिले में खासकर ग्रामीण अंचलों में हो रहे बड़े-बड़े सड़क निर्माण के कार्यांें में अवैध मुरूम का बेधड़क और लगातार उपयोग किया जा रहा है। मुरूम का खनन एवं परिवहन के लिए नियमत: पंचायत को अनुमति देने का अधिकार नहीं है लेकिन ग्राम पंचायत से प्रस्ताव पारित करा कर एवं अधिकृत तौर पर प्रशासन से किसी भी तरह की अनुमति लिए बगैर ही मुरूम खोदी जा रही है। आलम यह है कि मुरूम का बड़े पैमाने पर अवैध खनन कर उसे उपयोग में लाया जा रहा है और जब बात उछली तो अनुमति के लिए आवेदन लगाया गया है। अब सवाल तो जायज है कि काम भले सरकारी हो,अनुमति तो जरूरी है और जब अनुमति ही नहीं ली गई तो खनन क्यों करते रहे? क्या प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी इस पर कार्यवाही रूपी अपना ईमानदाराना कर्तव्य निभाएंगे?

मामला करतला ब्लाक के ग्राम बासीनपाठ से उरगा तक 17.900 किलोमीटर सड़क निर्माण से जुड़ा है। इसके निर्माणकर्ता ठेकेदार के कर्मियों द्वारा ग्राम सुपातराई के तालाब से जेसीबी और ट्रैक्टर लगाकर खनन एवं परिवहन किया जा रहा है। इसकी जानकारी स्थानीय लोगों के द्वारा दिए जाने पर उरगा पुलिस मौके पर पहुंची तो उन्हें ग्राम पंचायत का प्रस्ताव दिखाकर चलता कर दिया गया। मुरूम खनन की अनुमति एवं इसका अधिकार के संबंध में पुलिस को गुमराह किया गया वहीं संबंधित अधिकारी और अमला जानकर भी बेखबर बनते रहे।

इधर जब मामला सुर्खियों में आना शुरू हुआ तब 28 अप्रैल 2022 को ठेकेदार के द्वारा एक आवेदन खनिज विभाग को देते हुए गौण खनिज मुरूम/मिट्टी का शासकीय निर्माण कार्य में उपयोग करने हेतु अनुमति चाही गई। लोक निर्माण विभाग कोरबा के कार्यादेश अंतर्गत ग्राम लबेद से भैंसमा तक सड़क निर्माण में लगने वाले मुरूम/मिट्टी के लिए ग्राम सुपातराई तहसील करतला के शासकीय भूमि क्रमांक 80/1, 131 रकबा क्रमश: 1.21, 0.263 (0.65 एकड़) क्षेत्र पर तालाब गहरीकरण के दौरान निकलने वाले गौण खनिज/मुरूम को उक्त शासकीय निर्माण कार्य में उपयोग करने की अनुमति बावत अनुमति मांगी गई है।
















